नई दिल्ली, सितंबर 19। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमत (22 कैरेट) लगभग 3 फीसदी गिरी है। वहीं पिछले एक सप्ताह में भारतीय बाजार में सोने के हाजिर रेट (22 कैरेट) में लगभग 600 रुपये की गिरावट आई। पिछले एक हफ्ते में मुंबई में 22 कैरेट सोने के रेट 46120 रु से गिर कर 46120 रु और दिल्ली में 46150 रु से गिर 45550 रु पर आ गए हैं। यहां यह समझना होगा कि भारतीय कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों से जुड़ी होती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अगर इनमें गिरावट आती है, तो सोने के रेट भारत में भी कम होते हैं।
क्यों गिरे इंटरनेशनल रेट
अमेरिका में उम्मीद से अधिक खुदरा बिक्री के कारण ट्रेजरी यील्ड में तेजी आई और ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में करीब 3% की गिरावट का कारण बना। यदि डेटा मजबूत बना रहता है, तो यूएस फेड अपने बॉन्ड खरीद कार्यक्रम को उम्मीद से अधिक तेजी से कम करना शुरू कर देगा। इसका मतलब यह हुआ कि सिस्टम से लिक्विडिटी बाहर निकलने लगेगी और इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।
बढ़ सकती है ब्याज दरें
यह भी माना जाता है कि यदि डेटा मजबूत बना रहता है, तो उम्मीद से जल्दी ब्याज दरों में वृद्धि देखने को मिल सकती है, जो सोने के लिए अच्छी खबर नहीं है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने की कीमतें गिरती हैं। ब्याज दरें घटने पर सोने के दाम बढ़ते हैं। वैश्विक बाजारों में शॉर्ट टर्म में सोने के रेट अगले सप्ताह की शुरुआत में यूएस फेड की बैठक से तय हो सकते हैं। यदि यूएस फेड ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लिए एक समयरेखा का संकेत दिया, तो सोने की कीमतें थोड़ी और गिरेंगी।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता
अगले हफ्ते सोने में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सोने के लिए किसी भी दिशा में कीमतों में उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी करना वैसे भी कठिन होता है। यह सब कुछ फैक्टर पर निर्भर करता है, जिसमें कुछ खास समाचार भी शामिल होते हैं। इस बीच गोल्ड ईटीएफ काफी नुकसान वाला ऑप्शन साबित हुए हैं। पिछले 1 साल में गोल्ड ईटीएफ से रिटर्न -10% रहा है।
कम वैल्यू पर निवेश का मौका
गोल्ड ईटीएफ के निगेटिव रिटर्न का मतलब यह है कि निवेशकों को पिछले साल की तुलना में 10% कम कीमत पर सोने में निवेश करने का अवसर मिल रहा है। अब, अगर वैश्विक आर्थिक गति तेज होती है, तो इसकी संभावना नहीं है कि सोना अच्छा रिटर्न देगा। मगर जब चीजें बदतर होती हैं, तो सोना रिटर्न देता है। फिर चाहे आर्थिक दिक्कत आए या कोविड। खरीदारी के लिए यह एक अच्छा समय हो सकता है।
गोल्ड ईटीएफ में करें निवेश
गोल्ड ईटीएफ फिजिकल सोने के मुकाबले बेहतर हैं। यदि आपके पास डीमैट खाता है तो आप गोल्ड ईटीएफ खरीद सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ सोने में निवेश के लिए उपयुक्त हैं। आपके पास एक विविध पोर्टफोलियो होना चाहिए और जोखिम को कम करने के लिए निवेश का कम से कम 10% पैसा सोने में होना चाहिए। यह एक सुरक्षित निवेश ऑप्शन है। मगर सोने के अच्छा रिटर्न देने के लिए, कुछ चीजें गलत होनी चाहिए, जो कि संभव है।
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