नयी दिल्ली। भारत में इस सप्ताह फिजिकल गोल्ड पर मिलने वाले डिस्काउंट में बढ़ोतरी हुई है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाईं पर पहुंच गई हैं और स्टोर्स खुलने के बावजूद कोरोनावायरस के बढ़ते मामले खरीदारी नहीं बढ़ने दे रहे हैं। भारतीय डीलरों ने इस सप्ताह आधिकारिक घरेलू कीमतों पर 18 डॉलर प्रति औंस (1 औंस = 28.34 ग्राम और 1 डॉलर = 75.63 रुपये) तक की छूट दी, जबकि पिछले हफ्ते ये छूट 13 डॉलर तक थी। बता दें कि सोने की घरेलू कीमतों में 1.25 फीसदी आयात शुल्क और 3 फीसदी जीएसटी शामिल है। उधर एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर बुधवार को 48,589 रु प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया और हफ्ते में 48,315 रु के स्तर पर बंद हुआ। वहीं भारत में चांदी का रेट सप्ताह के आखिर में 48,390 रु प्रति किलोग्राम रहा।
सबसे अधिक चढ़ा सोना
सभी कमोडिटीज में इस साल सोने ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल सोना ग्लोबल मार्केट में अब तक 16 फीसदी ऊपर चढ़ चुका है। कोरोनावायरस स्वास्थ्य संकट और अमेरिका-चीन के व्यापार तनाव ने सोने को बढ़ावा दिया है। दरअसल ऐसे संकट के समय निवेशक गोल्ड की तरफ रुख करते हैं, क्योंकि इसे इक्विटी शेयर बाजार के मुकाबले सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों और सरकारों के राहत उपायों से नॉन-यील्डिंग गोल्ड की कीमतों में इजाफा हुआ है।
सोने की निवेश मांग भी बढ़ी
इस साल सोने की निवेश मांग काफी बढ़ी है। सोने के लिए मजबूत निवेश मांग का संकेत बुलियन-समर्थित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड या गोल्ड ईटीएफ से मिलता है, जिसमें होल्डिंग्स ने इस साल एक रिकॉर्ड बनाया है। ब्लूमबर्ग के अनुमान के अनुसार इस साल शुद्ध इन्फ्लो 600 टन से अधिक है। हालांकि एक तरफ निवेश मांग मजबूत बनी हुई है, मगर दूसरी तरफ दुनिया भर के प्रमुख सोने के केंद्रों में फिजिकल कंजम्पशन (सोने की खपत) में गिरावट आई है।
कहां तक बढ़ेगा सोना
गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में गोल्ड के दाम 2000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकते हैं। इससे पहले शुक्रवार को यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.5 फीसदी बढ़ कर 1780 डॉलर पर सेटल हुआ। एक्सपर्ट मानते हैं कि ईटीएफ में खरीदारी लगातार ऊपर जा रही है, जिससे सोने की कीमतों को सहारा मिलेगा।
आयात में भारी गिरावट
सोने के आयात में गिरावट बरकरार है। कोरोनावायरस के कारण लगी पाबंदियों के चलते मई में लगातार दूसरे महीने भारत के सोने के आयात में 99 फीसदी की गिरावट आई है। मई 2019 के के मुकाबले मई 2020 में देश का सोना आयात 99 फीसदी लुढ़का है। पिछले साल मई में आयात किए गए 105.8 टन के मुकाबले इस साल समान महीने में सिर्फ 1.3 टन सोने का आयात हो सका। इससे पहले अप्रैल में भारत में सिर्फ 50 किलो सोने का आयात हुआ था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन के बाद सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता भारत ही है। अप्रैल में भारत के सोने के आयात में 99.9 फीसदी की गिरावट आई थी। अप्रैल में भारत का सोना आयात करीब 30 सालों के निचले स्तर पर पहुंच गया था।


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