नयी दिल्ली। गोल्ड में इस समय गिरावट देखने को मिल रही है। मगर माना जा रहा है कि ये गिरावट फिलहाल के लिए है, क्योंकि लंबी अवधि के लिए अर्थव्यवस्था में सुधार के अच्छे संकेत नहीं हैं। ऐसे अनिश्चित समय में सोने में तेजी की संभावना बनी रहती है। हालांकि सोने की ऊंची कीमतों, जो एक समय फ्यूचर मार्केट में 56200 रु तक पहुंच गई थीं, ने रिटेल मार्केट में मांग को कम किया है। सोने की कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों का ध्यान गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) की तरफ बढ़ा है। आरबीआई और ऐम्फी के आंकड़ों के अनुसार 2020-21 की पहली छमाही में गोल्ड ईटीएफ और एसजीबी में 14000 करोड़ रु का निवेश आया है। अगर आपका भी रुझान गोल्ड ईटीएफ की तरफ है तो निवेश से पहले कुछ बातों का जानना जरूरी है।
होता है बाजार जोखिम
आपको ये ध्यान रखना चाहिए गोल्ड ईटीएफ पर बाजार जोखिम होता है। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि गोल्ड ईटीएफ, जो 99.5% शुद्ध फिजिकल गोल्ड की जगह होते हैं, को वैधानिक ऑडिट, यानी कानून के अनुसार, गुजरना होता है।
एक्सपेंस रेशियो
गोल्ड ईटीएफ का प्रबंधन फंड मैनेजरों करते हैं जो आपसे ब्रोकरेज चार्ज लेते हैं और इसलिए आपको ऐसे फंड हाउस की तलाश करनी चाहिए जो तुलनात्मक रूप से कम चार्ज लेता हो। वास्तव में गोल्ड ईटीएफ पर अधिक चार्ज आपके रिटर्न को कम कर सकता है। आम तौर पर ब्रोकरेज शुल्क 0.5 से 1 प्रतिशत के बीच होता है। मगर अधिक चार्ज से बचना चाहिए।
सिर्फ एक्सपेंस रेशियो को न देखें
एक्सपेंस रेशियो एक ऐसी चीज है जिसे देख कर निवेश किया जाना चाहिए। मगर ऐसा न हो कि आपका ध्यान सिर्फ एक्सपेंस रेशियो पर ही हो। बल्कि और भी बहुत सी ऐसी चीजें (रिटर्न, फंड का प्रदर्शन, फंड मैनेजर की परफॉर्मेंस आदि) हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए।
औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम
उस गोल्ड ईटीएफ को चुनें जिसका औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम अधिक हो। इसकी जानकारी फाइनेंशियल वेबसाइट और एक्सचेंज पोर्टल के माध्यम से ली जा सकती है। यदि किसी उत्पाद के लिए वॉल्यूम कम हो तो आपको विक्रय मूल्य (Selling Price) कम रखना पड़ सकता है। इस वजह से आपको अपने गोल्ड ईटीएफ निवेश पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कम ट्रैकिंग गलती वाले गोल्ड ईटीएफ को चुनें
गोल्ड ईटीएफ का एनएवी सोने की बाजार दर से प्रतिबिंबित होना चाहिए और यदि ट्रैकिंग त्रुटि (Error) अधिक भिन्नता दिखाए तो ऐसे गोल्ड ईटीएफ से बचा जाना चाहिए।
कितना निवेश करें
गोल्ड ईटीएफ में बहुत ज्यादा निवेश न करें। लंबे समय में सोने ने केवल 10 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है। ऐसे में गोल्ड ईटीएफ में अपनी निवेश राशि का 5 से 15 फीसदी ही लगाएं। किसी भी जोखिम से बचने के लिए इतना निवेश सही रहेगा। इससे आपका रिटर्न भी स्थिर रहेगा।


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