सोने में साल 2019 में काफी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। निवेशकों ने 2019 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में शुद्ध 16 करोड़ रुपए का निवेश किया।
नई दिल्ली: सोने में साल 2019 में काफी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। निवेशकों ने 2019 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में शुद्ध 16 करोड़ रुपए का निवेश किया। इससे पहले छह साल से निवेशक गोल्ड ईटीएफ से पूंजी निकाल रहे थे। एक्सपर्ट का मानना है कि अभी जिस तरह का माहौल बना है, आने वाले दिनों में गोल्ड ईटीएफ में निवेश और बढ़ेगा। पिछले साल वैश्विक बाजार में सुस्ती के डर और शेयर व बांड बाजारों में अनिश्चितता के कारण निवेशक अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए गोल्ड ईटीएफ की तरफ मुड़े।

बता दें कि आंकड़ों के अनुसार, 2019 में निवेशकों ने 14 गोल्ड ईटीएफ में 16 करोड़ रुपये निवेश किए। इससे पहले उन्होंने 2018 में 571 करोड़ रुपये, 2017 में 730 करोड़ रुपये, 2016 में 942 करोड़ रुपये, 2015 में 891 करोड़ रुपये, 2014 में 1651 करोड़ रुपये और 2013 में 1815 करोड़ रुपये निकाले थे। जबकि इससे पहले 2012 में निवेशकों ने स्वर्ण ईटीएफ में 1826 करोड़ रुपये लगाये थे।
गोल्ड इटीएफ निवेश में और आ सकती है तेजी
मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषण का कहना है कि आने वाले समय में गोल्ड इटीएफ में निवेश में और तेजी देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पनपे हालिया तनाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था को हो सकने वाले जोखिम को देखते हुए निवेशक गोल्ड ईटीएफ का रुख कर सकते हैं। वैश्विक बाजारों में नरमी की आशंका के चलते हालिया समय में सुरक्षित निवेश के रूप में स्वर्ण ईटीएफ की चमक वापस लौटी है। आर्थिक सुस्ती के डर के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक हाल में बढ़ गई है। इसके कारण 2019 में सोने की कीमत भी काफी बढ़ी। गोल्ड निवेशकों के पोर्टफोलियो में विविधता लाता है। 2011 के बाद गोल्ड के लिए 2019 सबसे अच्छा रहा।
जानिए सोने में निवेश क्यों बढ़ा
एसोसिएशन आफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2019 में स्वर्ण कोषों द्वारा प्रबंधित संपत्ति साल भर पहले के 4,571 करोड़ रुपये की तुलना में 26 फीसदी बढ़कर 5,768 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। वहीं खुदरा निवेशक इक्विटी से बेहतर आय होने के कारण पिछले कुछ साल से गोल्ड ईटीएफ की तुलना में इक्विटी में अधिक निवेश कर रहे थे। लेकिन पिछले पूरे साल की बात करें तो कई घरेलू और बाहरी कारण मसलन ट्रेड वार, जियो पॉलिटिकल टेंशन और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव की वजह से इक्विटी बाजारों में दबाव रहा है। जिससे सोने में जमकर निवेश हुआ।
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