नयी दिल्ली। भारत में गोल्ड की मांग कई चीजों के लिए रहती है। इनमें ज्वेलरी और निवेश शामिल हैं। अगर आप गोल्ड में निवेश की सोच रहे हैं तो जरूरी नहीं कि आप फिजिकल गोल्ड (अपने पास गोल्ड रख कर) में ही निवेश करें। गोल्ड ईटीएफ भी एक शानदार ऑप्शन है। जहां तक गोल्ड में रिटर्न का सवाल है तो पिछले साल 2019 में इसने 24 फीसदी का रिटर्न दिया, जो बाकी निवेश ऑप्शन के मुकाबले कहीं बेहतर है। रिटर्न देने के मामले में गोल्ड का कोई मुकाबला नहीं रहा। वहीं 2020 में अब तक गोल्ड ईटीएफ से निवेशकों को 22 फीसदी रिटर्न मिला है। यानी करीब 5 महीनों में गोल्ड ईटीएफ निवेशकों ने तगड़ा मुनाफा कमा लिया। इतना ही नहीं जानकार कहते हैं मानते हैं कि मौजूदा कोरोना संकट के मद्देनजर गोल्ड में अभी भी अच्छा खासा रिटर्न हासिल करने का मौका है।
क्या होता है गोल्ड ईटीएफ
बता दें कि गोल्ड ईटीएफ (एक्सचें ट्रेडेड फंड) फिजिकल सोने के बदले में यूनिट्स होती हैं, जो डीमैटरियलाइज्ड या पेपर फॉर्म में होती हैं। गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है। गोल्ड ईटीएफ निवेशक न्यूनतम रेट के साथ बेहतर पारदर्शिता के साथ इसमें कारोबार कर सकते हैं। एसबीआई, एचडीएफसी जैसे बैंकों के भी अपने गोल्ड ईटीएफ होते हैं। आप गोल्ड ईटीएफ ऑनलाइन खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको डीमैट खाते की जरूरत होगी। भारत में गोल्ड ईटीएफ की शुरुआत हुई थी 2007 में। इसके बाद साल दर साल निवेशकों में इसे लेकर रुचि बढ़ी है।
कितना है गोल्ड ईटीएफ में निवेश
आंकड़ों के अनुसार 30 अप्रैल 2020 तक 5.60 लाख से अधिक फोलियो (एक तरह का खाता, मगर एक निवेशक के कई फोलियो हो सकते हैं) के साथ गोल्ड ईटीएफ की एयूएम (निवेश) 9200 करोड़ रुपये है। पिछले कुछ समय में गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का रुझान और भी अधिक बढ़ा है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कोरोना संकट जैसे समय निवेशक इक्विटी शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले विकल्पों से निकल कर गोल्ड जैसी सुरक्षित जगहों का रुख करते हैं। ये भी एक वजह है कि गोल्ड की कीमतों में इजाफा हुआ है और निवेश मांग भी बढ़ी है। गोल्ड ईटीएफ में आपको लिक्विडिटी भी मिलती है। यानी आप इसकी यूनिट्स को फिजिकल गोल्ड के मुकाबले जल्दी बेच सकते हैं।
गोल्ड ईटीएफ है बेस्ट ऑप्शन
एक्सपर्ट्स गोल्ड में निवेश करने की सलाह तो दे ही रहे हैं, साथ में वे इसके लिए गोल्ड ईटीएफ को बेस्ट ऑप्शन बताते हैं। इसमें निवेश का एक और अच्छा तरीका भारत सरकार के किसी गोल्ड-समर्थित ईटीएफ या गोल्ड सॉवरेन बॉन्ड्स का ऑप्शन है। गोल्ड सॉवरेन बॉन्ड्स के तहत निवेशकों को बॉन्ड की कीमत बढ़ने के अलावा ब्याज के रूप में नियमित इनकम भी होती है। मैच्योरिटी तक गोल्ड सॉवरेन बॉन्ड की बिक्री पर पूंजीगत लाभ को भी आयकर से छूट मिलती है। ईटीएफ और सॉवरेन बॉन्ड के जरिए गोल्ड में निवेश करना अच्छा ऑप्शन है।
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