नई दिल्ली, अक्टूबर 7। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) देश का सबसे बड़ा बैंक है। एसबीआई एक रीवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (आर-जीडीएस) ऑफर करता है। ये सोने की एक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) स्कीम है। एसबीआई के अनुसार आर-जीडीएस सोने में एफडी का एक प्रकार है। ग्राहक अपने बेकार पड़े सोने को आर-जीडीएस के तहत जमा कर सकते हैं, जो उन्हें सोने की सिक्योरिटी, ब्याज और कई अन्य बेनेफिट ऑफर करेगी।
कौन कर सकता है निवेश
भारतीय निवासी, प्रोप्राइटरशिप और साझेदारी फर्मों, एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार), सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के तहत पंजीकृत म्यूचुअल फंड / एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड जैसी कैटेगरियां, कंपनियां, धर्मार्थ संस्थान या सेंट्रल या राज्य सरकार की कोई भी कंपनी एसबीआई की इस योजना में निवेश करने के पात्र हैं।
कम से कम कितना निवेश
आपको न्यूनतम 10 ग्राम कच्चा सोना (रॉ गोल्ड) (पत्थर और अन्य धातुओं को छोड़कर बार, सिक्के, आभूषण) जमा करना होगा। हालांकि, जमा करने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
3 तरह की कोई लिमिट
एसबीआई रीवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (आर-जीडीएस) तीन प्रकार की डिपॉजिट ऑफर करती है। शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट का कार्यकाल 1 से 3 वर्ष है। जबकि शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (एमटीजीडी) का कार्यकाल: 5-7 वर्ष है। लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (एलटीजीडी) का कार्यकाल 12-15 साल है।
कितना मिलेगा ब्याज दर
1 वर्ष के लिए : 0.50% प्रति वर्ष, 1 वर्ष से अधिक 2 वर्ष तक : 0.55% प्रति वर्ष, 2 वर्ष से अधिक 3 वर्ष तक : 0.60% प्रति वर्ष, एमटीजीडी पर ब्याज दर: 2.25% प्रति वर्ष और एलटीजीडी पर ब्याज दर: 2.50% प्रति वर्ष तय की गयी है।
दो तरह से होगी रीपेमेंट
मैच्योरिटी की तारीख पर आप पैसा या तो कैश ले सकते हैं या फिर उतनी ही वैल्यू में सोना। ये शॉर्ट का नियम है। जबकि मिड और लॉन्ग टर्म में रिडम्प्शन पर भी गोल्ड या कैश दिया जाएगा। मगर यदि आप इस अवधि में सोना लें तो आपको 0.20% प्रशासनिक शुल्क देना होगा।
समय से पहले पेमेंट
यदि आप प्रीमैच्योर पेमेंट का ऑप्शन चुनते हैं तो इसके लिए तीनों अवधि के अलग-अलग नियम हैं :
एसटीबीडी : लागू ब्याज दर पर जुर्माने के साथ 1 वर्ष की लॉक-इन अवधि के बाद अनुमति है
एमटीजीडी : ब्याज पर जुर्माने के साथ 3 साल बाद किसी भी समय निकासी की अनुमति है
एलटीजीडी : 5 साल बाद किसी भी समय ब्याज पर जुर्माना के साथ निकासी की अनुमति है
गोल्ड में निवेश
सोने में निवेश करने के लिए गोल्ड ईटीएफ भी एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। गोल्ड ईटीएफ दरअसल म्यूचुअल फंड ही है। गोल्ड ईटीएफ भी सोने के रेट पर ऊपर-नीचे होता है। गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को लंबी अवधि में जोरदार रिटर्न कमाने का मिलता है। अच्छी बात ये है कि गोल्ड ईटीएफ इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होते हैं। आपको इसमें सोने की शुद्धता को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती। फिजिकल गोल्ड के मुकाबले गोल्ड ईटीएफ को जल्दी और मौजूदा रेट पर बेचा जा सकता है। इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोशिएशन की बेवसाइट के अनुसार आज गोल्ड का रेट 46885 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर खुला है। वहीं यह पिछले कारोबारी दिवस पर 46845 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। इस प्रकार आज सोना 40 रुपये प्रति दस ग्राम की तेजी के साथ खुला है।
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