नई दिल्ली, दिसंबर 21। सोने की कीमतों में गिरावट जारी है। कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन आज मंगलवार को सोने के दाम नीचे गिरे हैं। सोने की कीमतों में 300 रु से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। बता दें कि आज की गिरावट से सोने के दाम 48200 रु के करीब आ गए हैं। सोने के साथ ही आज चांदी के दाम भी नीचे फिसले हैं। चांदी की कीमत 61000 रु के नीचे आ गयी हैं। आगे चेक करें सोने-चांदी के लेटेस्ट रेट।
21 दिसंबर को सोने और चांदी के रेट
21 दिसंबर मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गयी। आज 24 कैरेट वाले सोने की कीमतों में 335 रु प्रति 10 ग्राम की कमजोरी देखने को मिली। इससे 24 कैरेट वाले सोने का रेट प्रति 10 ग्राम 48527 रु से गिर कर 48192 रु पर आ गया। यह पिछले साल के 56200 रु के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम है। चांदी की कीमतों की बात करें तो ये प्रति किलोग्राम 167 रु सस्ती हो गयी। चांदी के दाम प्रति किलो 61106 रु से गिर कर 60939 रु पर आ गए हैं।
जानें बाकी कैरेट सोने का दाम
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार कल शाम के रेट की तुलना में आज 23 कैरेट वाला सोना 334 रु सस्ता होकर प्रति 10 ग्राम 47999 रु और 22 कैरेट वाला सोना 307 रु सस्ता होकर 44144 रु पर आ गया। इसके अलावा 18 कैरेट वाले सोने का दाम भी 251 रु सस्ता हुआ और यह प्रति 10 ग्राम 36144 रु पर पहुंच गया। अंत में बात करें 14 कैरेट वाले सोने की तो यह प्रति 10 ग्राम 196 रु गिर कर 28192 रु पर आ गया।
जानिए अपने शहर के रेट
आप रोज अपने शहर के सोने और चांदी के रेट चेक करना चाहें तो हमारी वेबसाइट के पेज (https://hindi.goodreturns.in/gold-rates/) पर विजिट कर सकते हैं। हमने जो सोने और चांदी के यहां बताए हैं, वे इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के मुताबिक हैं। ध्यान रहे कि इन कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होगा। आप देश भर में कहीं भी सोना खरीदते या बेचते समय इन रेट का हवाला दे सकते हैं।
सोने पर टैक्स
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (एसटीसीजी) के बारे में आपके लिए जानना है जरूरी है। अगर आप खरीद की तारीख से 36 महीने (3 साल) से पहले सोना बेचते हैं, तो इससे होने वाली आय पर एसटीसीजी के तौर पर टैक्स लगेगा। इन लाभों को आपकी ग्रॉस टोटल इनकम आय में जोड़ा जाएगा और आपके आयकर स्लैब के अनुसार कर लगाया जाएगा।
टैक्स का दूसरा तरीका
अगर गोल्ड म्यूचुअल फंड, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ), और/या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) में निवेश की तारीख और रिडम्पशन की तारीख के बीच की समयावधि तीन साल से कम है, तो पूंजीगत लाभ को शॉर्ट टर्म के रूप में माना जाएगा और इसे आपकी ग्रॉस इनकम में जोड़ा जाएगा, और उसी हिसाब से टैक्स लगाया जाएगा। दूसरी ओर, यदि समय अवधि तीन वर्ष से अधिक है, तो इन लाभों को लॉन्ग टर्म माना जाएगा और इंडेक्सेशन लाभ के साथ 20 प्रतिशत से अधिक उपकर लगाया जाएगा।
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