Gold and silver rate in 2024: अगर आप सोना खरीदना पसंद करते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। जानकारों की राय है कि वर्ष 2024 में भी सोने का रेट रिकॉर्ड तोड़ तेजी के साथ बढ़ेगा। वैसे वर्ष 2023 के दौरान भी सोने का रेट काफी ज्यादा बढ़ा है।
जानिए सोने और चांदी का रेट 2023 में कितना बढ़ा
2 जनवरी 2023 को सोने का रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन साइट के अनुसार 55163 रुपये था। वहीं चांदी का रेट 68349 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं साल के अंतिम ट्रेडिंग डे यानी 29 दिसंबर 2023 को इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोशिएशन की बेवसाइट के अनुसार गोल्ड का रेट 206 रुपये प्रति दस ग्राम की गिरावट के साथ 63246 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान चांदी का रेट 238 रुपये प्रति किलो की गिरावट के साथ 73395 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं साल 2023 के दौरान MCX Gold ने 13.55 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं Comex Gold ने 11.70 फीसदी का रिटर्न दिया है। पूरे 2023 के दौरान गोल्ड ने 64,063 रुपये का उच्चतम स्तर और न्यूनतम स्तर 54,771 रुपये का बनाया है।
2024 में कहां तक जा सकता है सोने का रेट
वहीं दूसरी तरफ जानकारों के अनुसार 2024 में भी सोने में तेजी जारी रहेगी। स्थिर रुपये, भूराजनीतिक अनिश्चितताओं और धीमी वैश्विक आर्थिक वृद्धि के कारण घरेलू सराफा बाजार में सोने की कीमत 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वर्तमान में, कमोडिटी स्टॉक एक्सचेंज एमसीएक्स पर पीली धातु की कीमत 63,060 रुपये प्रति 10 ग्राम और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2,058 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के आसपास है।
कॉमट्रेंडज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन के अनुसार 2023 में सोने की कीमत अस्थिर रही। घरेलू बाजार में 4 मई को यह 61,845 रुपये प्रति 10 ग्राम और वैश्विक बाजारों में 2,083 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। बाद में, पीली धातु 16 नवंबर को 61,914 रुपये प्रति 10 ग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गई। इनके अनुसार 2024 में गोल्ड की कीमत बढ़कर 2,400 अमेरिकी डॉलर हो सकती है। अगर रुपया स्थिर रहा, तो भारत में सोना लगभग 70,000 रुपये प्रति दस ग्राम का स्तर दिखा सकता है।
वहीं ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के चेयरमैन सैयाम मेहरा के अनुसार सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव से बिक्री पर असर पड़ा है और 30 से लेकर 35 लाख शादियों के बावजूद कारोबार 2022 जैसा ही रहेगा। इन्होंने बताया कि यूएस फेड द्वारा दरें कम करने और भू-राजनीतिक तनाव जारी रहने के कारण, कमजोर रुपये से सोने की कीमतें और बढ़ेंगी, जो 2024 में 2,250-2,300 अमेरिकी डॉलर और 68,000-70,000 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। ऊंची कीमतों के चलते 2024 में सोने की बिक्री प्रभावित होगी, और कारोबार 2023 के समान स्तर पर रहने की संभावना है।
दुनिया भर की सरकारें खरीद रही सोना
दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीद में बढ़ोतरी की है, 2023 की पहली तीन तिमाहियों में लगभग 800 टन सोना खरीदा गया है। यह पिछले साल की तुलना में 14% की बढ़त दर्शाता है। अभी भी गोल्ड के प्रति नजरिया डायनेमिक बना हुआ है, जो सेंट्रल बैंक पॉलिसी, जियोपॉलिटिकल टेंशन और इकोनॉमिक इंडिकेटर जैसे ग्लोबल फैक्टर्स से प्रभावित है। इस साल गोल्ड ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया। वहीं मुश्किल हालातों के दौरान इसका हाई रिटर्न देने का जो अब तक का इतिहास रहा है, वो बढ़ती अनिश्चितता के इस दौर में गोल्ड की कीमतें और ऊपर जाने का संकेत दे रहा है।
मोतीलाल ओसवाल के अनुसार जियोपॉलिटिकल टेंशन, लोअर डॉलर इंडेक्स, उच्च दर में कटौती की उम्मीद, स्लो ग्रोथ का डर, केंद्रीय बैंकों में गोल्ड बैंक करने की मची होड़, चीन और ग्रीन टेक्नोलॉजी में डेवलपमेंट और रुपये की कीमत गिरने की आशंका से सोने का रेट बढ़ सकता है। स्टेबिलिटी देने और मार्केट की वोलैटिलिटी के खिलाफ सेफगार्ड करने की गोल्ड की क्षमता इसे निवेशकों के लिए एक आकर्षक एसेट बना देती है। जानकार गोल्ड में निवेश के लिए किसी के ओवरऑल पोर्टफोलियो का लगभग 10 से लेकर 15 प्रतिशत तक सोने में निवेश करने की सलाह देते हैं।
जानिए 2024 में कहां तक जा सकता है चांदी का रेट
वहीं मजबूत औद्योगिक मांग से चांदी के प्रति निवेशकों का आकर्षण बना हुआ है। साल 2023 में वैश्विक स्तर पर चांदी 20 से 26 डॉलर प्रति औंस के दायरे में ट्रेड करती दिखी है। वहीं 2024 के दौरान चांदी 26 डॉलर प्रति औंस या 78,500 रुपये प्रति किलो के स्तर से ऊपर जाने के बाद 30 डॉलर प्रति औंस या 85,000 रुपये से लेकर 88,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक का स्तर दिखा सकती है। चांदी का सपोर्ट लेवल 70,000 रुपये प्रति किलोग्राम है। इससे नीचे सपोर्ट 66,500 रुपये प्रति किलो पर है।


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