दुनियाभर के शेयर बाजार में तेज करेक्शन देखने को मिल रहा. खासकर अमेरिकी स्टॉक मार्केट में कोहराम मचा हुआ है. लगातार दो दिन की भयंकर बिकवाली से प्रमुख इंडेक्स ऑल टाइम हाई से करीब 10 फीसदी तक फिसल गए. ग्लोबल मार्केट में मंदी की आशंका से निवेशक नर्वस हैं. क्योंकि मैक्रो इकोनॉमी के आंकड़े कमजोर आ रहे. इसके चलते अमेरिकी बाजारों में तेज करेक्शन है, जिसका असर अन्य बाजारों पर भी देखने को मिल रहा. भारतीय शेयर बाजार भी शुक्रवार को तेज बिकवाली के शिकार हुए. सेंसेक्स शुक्रवार को 885 अंक नीचे 80,981 पर बंद हुआ था.
US मार्केट में तेज बिकवाली
अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को एक बार फिर जोरदार बिकवाली दिखी. प्रमुख इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा गिरे. IT सेक्टर में तगड़ी बिकवाली के चलते नैस्डैक 2.43% गिरकर 16800 के लेवल के नीचे आ गया. टेक इंडेक्स फिलहाल ऑल टाइम हाई से 10 फीसदी नीचे आ गया है. डाओ इंडेक्स भी कल 1.5% की गिरावट के साथ 38750 के लेवल पर बंद हुआ. कारोबारी सेशन में इंडेक्स करीब 1000 अंक तक फिसला.

मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़ों से सेंटीमेंट खराब
US मार्केट में तेज करेक्शन की वजह मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़ों का असर है. इसमें कल जुलाई जॉब के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे. वहीं, बेराजगारी के आंकड़े अक्टूबर 2021 के बाद सबसे हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गया है. 10-ईयर का अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी दिसंबर से अब तक में सबसे निचले स्तर पर फिसल गया है. क्योंकि निवेशकों को डर है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को आगे भी स्थिर रख सकता है.
यूरोप के बाजार में भी बिकवाली
अमेरिका में अनुमान से कमजोर जॉब के आंकड़ों से यूरोप के बाजारों में भी तेज करेक्शन देखने को मिल रहा. शुक्रवार को यूरोपियन बाजारों में इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक फिसले. लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए. LSEG डाटा के मुताबिक Stoxx 600 2.8% नीचे बंद हुआ, जोकि दिसंबर 2022 के बाद का सबसे बुरा दिन रहा. इंडेक्स अप्रैल के बाद पहली बार 500 अंक नीचे फिसला. DAX, FTSE, CAC में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.


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