ग्लोबल शेयर बाजारों में एक बार फिर दबाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी टेक कंपनियों के नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते खर्च को लेकर निवेशकों की चिंता का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स करीब 6 फीसदी के करीब टूट गया।

दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी इंडेक्स शुक्रवार को 177.31 अंक यानी करीब 2.99 फीसदी गिरकर 5,760.35 अंक पर खुला। बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी और AI कारोबार की भविष्य की संभावनाओं को लेकर बढ़ती अनिश्चितता है। दक्षिण कोरिया के बाजार में सेमीकंडक्टर और टेक कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में अमेरिकी टेक कंपनियों से जुड़ी खबरों का असर यहां के शेयरों पर तेजी से दिखाई देता है।
इससे पहले गुरुवार को भी कोस्पी में कमजोरी रही थी। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बनाया। कंपनी ने तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, लेकिन निवेशकों की नजर चिप कारोबार के प्रदर्शन और भविष्य में शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न पर रही। अच्छे नतीजों के बावजूद शेयरों में गिरावट ने संकेत दिया कि निवेशक अब केवल मुनाफे के आंकड़ों के आधार पर फैसले नहीं ले रहे हैं।
Alphabet के नतीजों से बढ़ी चिंता-
अमेरिकी बाजार में गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया। कंपनी का तीसरी तिमाही का रेवेन्यू सालाना आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 127.58 अरब डॉलर रहा, लेकिन यह बाजार की उम्मीदों से कम था। इसके बाद कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट आई। निवेशकों की चिंता AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले भारी खर्च और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ी है।
दरअसल, बड़ी टेक कंपनियां AI कारोबार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए डेटा सेंटर, चिप और दूसरे तकनीकी संसाधनों पर भारी निवेश कर रही हैं। हालांकि, इस निवेश से भविष्य में कितनी कमाई होगी और इसका असर कंपनियों के मुनाफे पर क्या पड़ेगा, इसे लेकर बाजार में सवाल उठ रहे हैं।
दूसरे एशियाई बाजारों पर भी नजर-
अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली का असर दूसरे एशियाई बाजारों पर भी पड़ रहा है। निवेशक अब कंपनियों के नतीजों, AI पर खर्च और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े संकेतों पर नजर रख रहे हैं। ऐसे माहौल में टेक और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए भी ग्लोबल संकेत अहम रहेंगे। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अमेरिकी बाजारों के रुख से घरेलू बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, एशियाई बाजारों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि भारतीय बाजार भी उतनी ही गिरावट दर्ज करेंगे। निवेशकों को कारोबार के दौरान घरेलू संकेतों, कंपनियों के नतीजों और विदेशी निवेश के रुझान पर नजर रखनी चाहिए।
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