नौकरी तलाश रहे व्यक्तियों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है. आजकल मार्केट में घोस्ट जॉब्स (Ghost Jobs)
का ट्रेंड चल रहा है. घोस्ट जॉब्स अकसर जूनियर और मिडिल पोजिशन्स में निकाली जाती है. यह जॉब दिखने में रियल जरूर लगती है, लेकिन रियल होती नहीं. चलिए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

आज के समय में काम ढूंढना मुश्किल होता जा रहा है. पढ़े-लिखे युवा कई सालों तक नौकरी की तलाश में भटक रहें हैं. ऐसे में वे कभी-कभी घोस्ट जॉब्स का शिकार हो जाते हैं. यह घोस्ट जॉब्स ज्यादातर इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और आईटी इनेब्लड सर्विस कंपनियों द्वारा जारी की जा रही है.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), आईटी-इनेबल्ड सर्विस कंपनियां और छोटे बिजनेस से निकाली गई 10 प्रतिशत पोस्ट घोस्ट जॉब्स होती है. यह घोस्ट जॉब्स अकसर जूनियर और मिडिल पोजिशन्स के लिए निकाली जाती है.
घोस्ट जॉब्स को पहचनना भी काफी मुश्किल होती है. क्योंकि यह अकसर कंपनियों की तरफ से खुद जॉब्स पोर्टल पर दी जाती है या कंपनी की वेबसाइट पर मौजूद होती है. सिर्फ इतना ही नहीं, यह आपको बिल्कुल रियल वैंकसी की तरह दिखाई देगी. इन सब कारणों से घोस्ट जॉब्स पहचनना मुश्किल हो जाता है.
क्या होती है घोस्ट जॉब्स ?
घोस्ट जॉब्स आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाई जाती है. अगर आप इन जॉब्स में अप्लाई करते हैं, तो आपको कुछ दिन बाद सामान्य जॉब्स की तरह ईमेल में एक ऑटोमटिक मैसेज आएगा की आपका सीवी स्वीकार कर लिया गया है. लेकिन आगे का प्रोसेस कभी नहीं होगा.
क्योंकि घोस्ट जॉब्स के तहत निकाली वैंकसी में कंपनी को अर्जेंट बेसिस में जरूरत नहीं होती और कभी-कभी घोस्ट जॉब्स में कोई पोजीशन तक नहीं निकली होती. इसलिए सीवी स्वीकार होने के बावजूद भी आप अगले प्रोसेस तक कभी नहीं पहुंच पाते हैं. इसमें व्यक्ति कंपनी से भी संपर्क नहीं कर पाता है.
कंपनियां क्यों निकालती है घोस्ट जॉब्स ?
घोस्ट जॉब्स कंपनी के लिए फायदेमंद होती है. इस घोस्ट जॉब्स के जरिए कंपनी मार्केट को टेस्ट करती है. यह भी कह सकते हैं कि घोस्ट जॉब्स कंपनी के लिए जॉब इंटरेस्ट का एक इंडिकेटर की तरह काम करता है.
दूसरे शब्दों में कहा जाएं तो कंपनी ये देखती है कि मार्केट में किन-किन पोस्टिंग की क्या डिमांड है. इसके साथ ही वे डेटा इकट्ठा करती है. इसके अलावा घोस्ट जॉब्स से कंपनी के पास सीवी या रिज्यूमें का अच्छा खासा कलेक्शन हो जाता है.
यह भी कह सकते हैं कि ऐसा करने से कंपनी की इमेज भी अच्छी बन जाती है. कंपनियां घोस्ट जॉब्स का इस्तेमाल ज्यादातर तब करती है, जब उन्हें जॉब्स पोर्टल पर पूर्व कर्मचारियों द्वारा खराब रेटिंग दी गई हो.
इसके अलावा छोटी-मोटी कंपनी और स्टार्टअप ईमेज अच्छी करने के लिए घोस्ट जॉब्स निकालती रहती है.
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