नई दिल्ली, अगस्त 6। बहुत से ऐसे उत्पाद है जो भारत में बने और बहुत ज्यादा पसंद किए गए है। इन उत्पादों में एक घड़ी भी शामिल है। ये कानपुर की एक छोटी सी फैक्ट्री से शुरू हुआ था और आज भारत का सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है।
पहले अधिकतर डिटर्जेंट नीले या पीले रंग के होते थे
कानपुर में रहने वाले दोनो भाई ने फजलगंज फायर स्टेशन के पास एक छोटी सी फैक्ट्री से इसकी शुरुवात की। मगर उनके सामने दो बड़े ब्रांड थे निरमा और व्हील उनके सामने खुद के ब्रांड को सफल करना आसान नहीं था। उस वक्त अधिकतर डिटर्जेंट नीले या पीले रंग के होते थे। पर मगर घड़ी ने सफेद रंग का वाशिंग पाउडर बनाया और साथ ही साथ क्वालिटी पर भी काफी फोकस किया।
नाम बदल कर रोहित सर्फेक्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
दोनो भाई शुरू में घड़ी साबुन घर घर जाकर साइकिल से बेचा करते थे और दुकानों में जाकर अपनी उत्पादों को बेचा करते थे। बाद में उन्होंने विक्रेताओं को कमीशन देना शुरू कर दिया बाद में उन्होंने अपनी कंपनी का नाम बदल कर रोहित सर्फेक्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (आरएसपीएल) कर दिया। धीरे धीरे कानपुर के लगभग हर घर में उनका डिटर्जेंट का इस्तेमाल होने लगा।
दिलों में घर कर गई पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें
बेहतर गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट बना कर कंपनी ने लोगो का दिल जीत लिया था। कंपनी ने निर्धारित किया कि ग्राहकों का विश्वास ही जितना उनके लिए जरूरी है। जिसके लिए उन्होंने अपने प्रोडक्ट में लगातार सुधार किए साथ ही मुरली बाबू ने प्रचार प्रसार के मद्देनजर एक पंचलाइन तैयार की, जो लोगों के दिलों में घर कर गई। 'पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें'। इस टैगलाइन की अपील को लोगों ने खूब पसंद किया। उन्होंने घड़ी पर विश्वास जताया। फिर पूरे भारत में घड़ी ने लोगों का विश्वास जीत लिया।


Click it and Unblock the Notifications