नई दिल्ली, अगस्त 7। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड जारी करने के लिए एक साझा पंजीकरण की सुविधा शुरू की है। बेघर लोगो, प्रवासीयों और अन्य पात्र लोग रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पात्र होंगे। लगभग 81.35 करोड़ लोगो के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) अधिकतम कवरेज प्रदान करता है। लगभग 79.99 करोड़ लोगो को वर्तमान में इस अधिनियम के तहत अत्यधिक रियायत आधार पर खाद्यान्न दिया जाता है। इस आधार पर 1.58 करोड़ लोगो को और जोड़ा जा सकता है।
एनएफएसए के पात्र लोग इसका लाभ उठा सकते
खाद्य सचिव सुधांशु पांडे की तरफ से कहा गया है कि सामान्य पंजीकरण सुविधा के मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लाभार्थियों के शीघ्र पहचान करना है। एनएफएसए के तहत पात्र लोग इसका लाभ उठा सकते। साथ ही इस तरह के लोगो की राशन कार्ड जारी में सहायता करता है।
नई सुविधा 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पायलेट आधार पर
सचिव कि तरफ से बताया गया है कि शुरू में वेब आधारित नई सुविधा 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पायलेट आधार पर प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा ये सुविधा इस महीने के अंत तक शुरू कर दी जाएगी। सचिव के मुताबिक, इन 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश असम, गोवा, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, त्रिपुरा और उत्तराखंड शामिल हैं।
मेरा राशन-मेरा अधिकार को लांच किया गया है
उनसे एक सवाल पूछा गया था। उस सवाल के जवाब में खाद्य सचिव सुधांशु पांडे की तरफ से कहा गया है कि जिसको डिजिटल की समझ है। वे राशन कार्ड मित्र की का दायित्व निभा सकता है। 'एक देश-एक राशन कार्ड' परियोजना की सफलता के बाद मेरा राशन-मेरा अधिकार को लांच किया गया है। एनएफएसए के तहत देश की 67 प्रतिशत आबादी को रियायती दर पर खाद्यान्न दिया जाता है।


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