नई दिल्ली, जुलाई 18। सरकार ने तीन महीने पहले पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती की थी। सरकार के इस कदम के बाद से ही पिछले तीन महीने से तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। केन्द्र सरकार के करों में कटौती के बाद कई राज्य सरकारों ने भी वैट घटाएं थे। लेकिन, सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद संभावना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द ही बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है।
रुपये में गिरावट है वजह
पिछले कुछ महीनो से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। रुपए की वैल्यू 1 डॉलर के मुकाबले 80 रुपए तक पहुच गयी है, तेल कंपनियों पहले से ही रुपए की गिरती कीमत के वजह से नुकसान की बात कहती आ रही हैं। कंपनियां तेल खरीदने के लिए डॉलर में भुगतान करती है। ऐसे में तेल खरीदना कंपनियों का महंगा पड़ रहा है। इसके लिए तेल वितरण कंपनियों ने तेल की कीमतों को बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार से अनुमति मांगी हैं। खबर के अनुसार सरकार ने अब तक कंपनियों की मांग को अनुमति नहीं दी है, इसलिए तेल के दाम स्थिर हैं।
भविष्य में बढ़ जाएगा कर्जा
लेकिन अगर ऐसा ही चलता रहा और सरकार ने कंपनियों की मांग को नहीं माना तब ओएमसी कच्चे तेल की कीमतों को भरने में सक्षम नहीं होगी। रुपए में गिरावट के साथ-साथ कंपनियों और सरकार का घाटा बढ़ जाएगा। घाटा बढ़ने से भविष्य में कर्जा कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। सरकार को कंपनियों के साथ मिलकर इसपर बात करनी चाहिए ताकि नुकसान रोका जा सके। फिलहाल, तो तेल के दाम स्थिर हैं लेकिन जल्द ही इनके दामों में इजाफा हो सकता है।
शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम
-दिल्ली में अब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर पर है।
-कोलकाता में अब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 106.03 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर पर है।
-चेन्नई में अब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 102.63 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर पर है।
-मुंबई में अब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 106.31 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर पर है।


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