नई दिल्ली, अगस्त 29। कंपनी या कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) बैंक एफडी के समान होती हैं। इसमें निवेशक अपना पैसा बैंकों के बजाय कंपनी के के पास जमा कर करते हैं, जिस पर उन्हें ब्याज मिलता है। अहम बात यह है कि कंपनी की एफडी पर बैंक एफडी से अधिक रिटर्न मिल सकता है। मगर यहां बैंक एफडी से थोड़ा ज्यादा जोखिम होता है। कंपनी एफडी की अवधि आमतौर पर 12 से 120 महीने तक होती है। नये निवेश विकल्पों की तलाश करने वाले निवेशक कंपनी एफडी में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं। अगर आप किसी कंपनी एफडी में निवेश करना चाहते हैं तो यहां हम आपको टॉप 10 दस कंपनियों की जानकारी देंगे, जिनमें आपको एफडी पर तगड़ा रिटर्न मिल सकता है।
बैंक और कंपनी एफडी में समानता
बैंकों की तरह कई कंपनियों और एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) को एक निर्धारित अवधि के लिए तय ब्याज दर पर पैसा जमा करने की अनुमति मिलती है। कॉर्पोरेट एफडी बैंक एफडी के जैसा ही एक रूप है, जो निवेशकों को सुनिश्चित रिटर्न और मनचाही अवधि चुनने की स्वतंत्रता देती है। इसके अलावा कॉर्पोरेट एफडी बैंक एफडी की तुलना में अधिक ब्याज दर प्रदान करती है।
वरिष्ठ नागिरकों को अधिक ब्याज
कई कॉर्पोरेट एफडी अधिकांश बैंक एफडी की तरह वरिष्ठ नागरिकों को थोड़ी अधिक ब्याज दर का भुगतान करती हैं। यह उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अतिरिक्त लाभ है जो रिटायरमेंट बेनेफिट के लिए एफडी रिटर्न पर भरोसा करते हैं। इसके अलावा यहां भी अवधि के हिसाब से ब्याज दर तय होती है। बैंक एफडी में इस समय 5-6 फीसदी रिटर्न मिल रहा है। मगर कर्पोरेट एफडी में आपको 8 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।
मिल रहा 8 फीसदी तक ब्याज
मुथूट कैपिटल में आपको 7.75% से 8.00% (1 वर्ष से 5 वर्ष), श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस में 6.31% से 7.48% (12 से 60 महीने), श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस में 6.31% से 7.48% (12 से 60 महीने), बजाज फिनसर्व में 5.75% से 6.75% (1 वर्ष से 5 वर्ष), आईसीआईसीआई होम फाइनेंस में 5.25% से 6.65% (12 से 120 महीने) एचडीएफसी में 5.70% से 6.55% (12 से 120 महीने), महिंद्रा फाइनेंस में 5.70% से 6.45% (12 से 60 महीने), सुंदरम फाइनेंस में 6.00% से 6.30% (12 से 36 महीने), केरल ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्प में 5.75% से 6.00% (1 से 5 वर्ष) और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में 5.25% से 5.75% (1 वर्ष से 5 वर्ष) तक ब्याज मिल रहा है।
टीडीएस से कैसे बचें
आयकर अधिनियम के अनुसार यदि किसी वित्तीय वर्ष में कॉर्पोरेट एफडी पर प्राप्त ब्याज 5,000 रुपये से अधिक हो जाता है, तो टीडीएस काट लिया जाएगा। अपने बैंक या कंपनी में फॉर्म 15जी (या वरिष्ठ नागरिकों के लिए फॉर्म 15एच) जमा करके, आप टीडीएस से बच सकते हैं।
जोखिम है फैक्टर
कॉर्पोरेट एफडी थोड़ी असुरक्षित हैं, इसलिए इनमें बैंक एफड की तुलना में अधिक जोखिम होता है। इस तरह उच्च क्रेडिट स्कोर वाली कंपनियों में निवेश जोखिम को कम करने का एक अच्छा तरीका है। एक और बात कि बैंक एफडी से पैसा निकालना आसान है, जबकि कॉर्पोरेट एफडी मुश्किल है।
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