हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन पर राष्ट्र को संबोधित किया था। इस संबोधन में उन्होंने इस लॉकडाउन के दौरान देश को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया था।
नई दिल्ली: हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन पर राष्ट्र को संबोधित किया था। इस संबोधन में उन्होंने इस लॉकडाउन के दौरान देश को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया था। मोदी ने देश के आम लोगों से ज्यादा से स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा दिए जाने की अपील की थी। इतना ही नहीं हाल के दिनों में कई विदेशी कंपनियों के चीन से निकल कर भारत आने की संभावनाएं बनी हैं। केंद्र सरकार ने चीन से भारत आने वाली कंपनियों के सामने खास ऑफर भी पेश किए हैं। अब इसी कड़ी में खबर मिली है कि जर्मन कंपनी वॉन वेलक्स चीन छोड़ भारत में अपनी प्रोडक्शन शुरू करने का ऐलान किया है।

जानकारी दें कि वॉन वेलक्स पैरों, घुटनों और पीठ दर्द से राहत, झटके के खिलाफ जोड़ों और मांसपेशियों की सुरक्षा, और सही मुद्रा जैसे लाभों के साथ स्वस्थ जूते का एक प्रमुख ब्रांड है। आपको बता दें कि हेल्दी फुटवियर ब्रांड वॉन वेलक्स के मालिक कासा एवरेज जीएमबीएच ने विदेशी कंपनियों को देश में लाने की सरकार की हालिया योजनाओं की शुरुआत का प्रदर्शन करते हुए चीन से भारत में अपना पूरा उत्पादन स्थानांतरित करने का फैसला किया है। भारत में इसका उत्पादन अब Iatric इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से उत्तर प्रदेश के आगरा में होगा।
जानकारी दें कि वॉन वेलक्स ब्रांड 80 से अधिक देशों में बेचा जाता है और दुनिया भर में 100 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। यह 2019 में भारत में लॉन्च किया गया था और यह 500 से अधिक शीर्ष खुदरा स्थानों और ऑनलाइन पर उपलब्ध है। वहीं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के मंत्री का कहना हैं कि हम यह देखकर बहुत खुश हैं कि कासा एवरेज जीएमबीएच से निवेश, जो इतने लोगों को रोजगार दे रहा है, जो कि चीन छोड़ विशेष रूप से भारत के उत्तर प्रदेश में आ रहा है। वहीं Iatric इंडस्ट्रीज के निदेशक और सीईओ श्री आशीष जैन ने कहा कि सहयोग से 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
हाल ही में लावा इंटरनेशनल एक भारतीय बहुराष्ट्रीय मोबाइल हैंडसेट कंपनी है, मगर इसका कुछ ऑपरेशन चीन में भी होता है। कंपनी अपने चीन के ऑपरेशन को भारत लाएगी। लावा ने सरकार की तरफ से की गई पॉलिसी घोषणाओं के तहत अपना चीन का कारोबार भारत लाने का फैसला किया है। कंपनी की योजना अगले पांच वर्षों में देश में अपने मोबाइल फोन डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार को बढ़ाने के लिए 800 करोड़ रुपये का निवेश करने की है।


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