Generation Beta: सोशल मीडिया पर आपने जेन जी जनरेशन के बारे में तो सुना ही होगा। अब जेन जी के बाद जनरेशन बीटा आने वाली है। जी हां, इस जनरेशन मे वो बच्चे शामिल होंगे जिनका जन्म 2025 से 2039 के बीच होगा।
अबतक 2010 से 2024 के बीच जन्म लेने वाले बच्चों को जेन अल्फा कहा जा रहा था, जेन जी (Gen Z) उन्हें कहा जाता है जो साल 1996 से 2010 के बीच पैदा हुए हैं। साल 1987 से 1996 तक की जनरेशन को मिलेनियल्स कहा जाता है। आइए जानते हैं जेन बीटा बाकि जनरेशन से कैसे अलग होगी।

जनरेशन बीटा को होगी सोशल मीडिया की अधिक समझ
जनरेशन बीटा को मिलेनियल्स (1987 से 1996 के बीच पैदा हुए) और जेन जेड (1996 से 2010 के बीच पैदा हुए) की दुनिया से बहुत अलग दुनिया विरासत में मिलने वाली है। इस आने वाली पीढ़ी के महामारी के बाद के युग में जन्म लेने की उम्मीद है, जो उन्हें वैश्विक स्वास्थ्य संकटों पर एक नया नजरिया प्रदान करेगा।
इसके अलावा, तेजी से डिजिटल होती दुनिया में उनके पालन-पोषण का मतलब है कि उन्हें ऑनलाइन शिक्षा और सोशल मीडिया की उन्हें बेहतर समझ होगी।उम्मीद है कि जनरेशन बीटा न केवल स्मार्ट डिवाइस का उपयोग करने में तेज होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में भी जानकारी होगी।
जनरेशन बीटा को झेलनी पड़ सकती हैं ये परेशानियां
हालांकि, जनरेशन बीटा को अपनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। जनसंख्या परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण, संसाधनों की कमी और पर्यावरण को होने वाले नुकसान जैसे मुद्दे इस पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय होने की उम्मीद है।
जनरेशन बीटा की एक खासियत ये भी हो सकती है कि सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत मौजूदगी रहेगी। जनरेशन बीटा सोशल मीडिया की भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि जनरेशन बीटा वह पीढ़ी भी होगी जो 22वीं सदी की शुरुआत देखेगी। जैसे मिलेनियल्स और जेन जेड, शायद न देख पाएं।


Click it and Unblock the Notifications