वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा।
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा। हर साल आम बजट छपने की प्रक्रिया शुरू होने पर वित्त मंत्रालय हलवा उत्सव आयोजित करता है।
एक फरवरी को पेश होगी बजट
जानकारी के लिए बता दें कि पहले देश का आम बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे पहली फरवरी को पेश करने की परंपरा शुरू की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विभिन्न औद्योगिक, कर्मचारी और कृषि संगठनों के साथ बजट-पूर्व चर्चा पूरी कर चुकी हैं और अब वह एक फरवरी को लोकसभा में सुबह 11 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू करेंगी। इस साल का बजट बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में नरमी है। वहीं सरकार का राजकोषीय घाटा भी 10.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

बजट से पहले होता है हलवा उत्सव
हर साल आम बजट छपने की प्रक्रिया शुरू होने पर वित्त मंत्रालय हलवा उत्सव आयोजित करता है। हलवा को वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बांटा जाता है। हलवा उत्सव के तुरंत बाद, बजट प्रक्रिया मे शामिल होने वाले वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों और अधिकारियों का अपने परिवार और दुनिया से संपर्क खत्म हो जाता है। वे तब तक नॉर्थ ब्लॉक में रहते हैं जब तक कि लोकसभा में बजट पेश नहीं हो जाता।
क्या है आर्थिक सर्वेक्षण
आर्थिक सर्वेक्षण, वित्त मंत्रालय का मुख्य वार्षिक दस्तावेज होता है। मंत्रालय के तहत काम करने वाला आर्थिक मामलों का विभाग हर साल बजट पेश होने से पहले संसद में आर्थिक सर्वेक्षण को पटल पर रखता है। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में इसे तैयार किया जाता है। आर्थिक सर्वेक्षण, असल में बीते वित्त वर्ष का देश का हिसाब-किताब होता है। यह पिछले 12 महीनों में देश के आर्थिक प्रदर्शन का ब्यौरा होता है।
वित्त मंत्री संसद के बजट सत्र के दौरान पहली फरवरी को बजट पेश करती हैं। हालांकि महामारी संक्रमण के चलते इस बार बजट सत्र अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ होगा, इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ख्याल रखा जाएगा। पहली बार होगा कि जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से बजट सत्र की शुरुआत होगी तब देश के सांसद तीन अलग-अलग जगहों पर बैठेंगे। वे सभी राज्यसभा, लोकसभा और संसद के केंद्रीय कक्ष में बैठेंगे।
ये लोग करेंगे बजट तैयार
इस बार देश का बजट बनाने में वित्त सचिव ए बी पांडे, आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज, निवेश एवं लोक परिसंपत्ति विभाग के सचिव तुहिन कांत पांडे, वित्त सेवा सचिव देवाशीष पांडा, व्यय सचिव टी वी सोमनाथन और मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रहमण्यम एवं मंत्रालय के अन्य कर्मचारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मदद करेंगे।


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