GDP: नेशनल स्टैटिकल ऑफिस (एनओएस) ने भारत के जीडीपी के लेटेस्ट आंकड़ों को जारी कर दिया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.6 फीसदी रही है। वही, जीडीपी की ग्रोथ पिछले वर्ष की समान तिमाही में 6.2 फीसदी रही थी। आइए जानते हैं इन जीडीपी के आंकड़ों पर जानकारों की क्या प्रतिक्रिया है।

आनंद राठी शेयर्स और स्टॉक ब्रोकर्स की चीफ इकोनॉमिस्ट सुजान हाजरा की तरफ से कहा गया है कि हालांकि हमें चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में विकास दर में नरमी की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हमारा अनुमान है कि कि पूरे साल की वृद्धि हमारे पिछले पूर्वानुमान से कम से कम 20 आधार अंक बेहतर होगी। तेजी से गिरती महंगाई और उम्मीद से अधिक तेज वृद्धि वित्तीय बाजारों, विशेष रूप से इक्विटी बाजारों के लिए अच्छी खबर है।
डीबीएस बैंक सिंगापुर की सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव ने कहा कि भारत की दूसरी तिमाही की वास्तविक जीडीपी से पता चला है कि आधार प्रभावों को ध्यान में रखते हुए भी, घरेलू मांग में मजबूती वैश्विक अनिश्चितताओं और मौद्रिक सख्ती के प्रमुख प्रतिकार के रूप में सामने आई है।
कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री उपासना भारद्वाज ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों में तीव्र उलटफेर एक स्वागत योग्य संकेत है, खासकर जब यह अधिकांश गैर-कृषि क्षेत्रों में व्यापक आधार वाली तेजी की पृष्ठभूमि में आता है।
जीडीपी क्या होती है?
जीडीपी किसी भी देश के लिए बेहद ही अहम डेटा होता है। यह जीडीपी डेटा देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तस्वीर दिखाते है। जीडीपी दो तरह की होती है। रियल जीडीपी और नॉनिमल जीडीपी।
अगर हम रियल जीडीपी की बात करते हैं तो फिर यह गुड्स एंड सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू पर किया जाता है। जीडीपी के आंकड़े नेशनल स्टैटिकल ऑफिस (एनओएस) को और से जारी किए जाते है।
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