देश की जीडीपी ग्रोथ जुलाई-सितंबर तिमाही में घटकर 4.7% रह सकती है। बता दें कि न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के पोल में ये अनुमान जारी किया गया।
नई दिल्ली: देश की जीडीपी ग्रोथ जुलाई-सितंबर तिमाही में घटकर 4.7% रह सकती है। बता दें कि न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के पोल में ये अनुमान जारी किया गया। वहीं सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि ग्रोथ सिर्फ 4% रह सकती है। ग्रोथ 4.7% या इससे कम रहती है तो यह बीती 26 तिमाही में सबसे कम होगी। इससे पहले जनवरी-मार्च 2013 में 4.3% रही थी। सरकार आज शाम जुलाई-सितंबर तिमाही की ग्रोथ के आंकड़े जारी करेगी। अप्रैल-जून में ग्रोथ 5% और पिछले साल जुलाई-सितंबर में 7% रही थी।

आरबीआई रेपो रेट 0.25% और घटा सकता
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता मांग और निजी निवेश में कमी, वैश्विक सुस्ती की वजह से निर्यात प्रभावित होने की वजह से ग्रोथ में कमी आएगी। ऐसे में आरबीआई 3-5 दिसंबर को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट में फिर से 0.25% कटौती कर सकता है। आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए सरकार ने पिछले महीनों में कॉर्पोरेट टैक्स घटाने समेत कई कदम उठाए। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के चीफ इकोनॉमिस्ट देवेंद्र पंत के मुताबिक कृषि क्षेत्र की दिक्कतों, कमजोर आय और शहरी इलाकों में आय बढ़ने की उम्मीद कम होने की वजह से उपभोक्ता मांग में कमी आई। त्योहारी सीजन भी जोश भरने में विफल रहा।
आज आएंगे जीडीपी के आंकड़े
बता दें कि ज़्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जुलाई-सितंबर तिमाही भारत की विकास दर 4.7% तक गिर सकती है, जो अप्रैल-जून में 5% रही थी। अप्रैल-जून में रही 5% विकास दर 6 सालों में सबसे कम थी। 2018 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की विकास दर 7% रही थी। अगर विकास दर 4.7% तक फिसली तो पिछले साढ़े 6 साल में सबसे कम होगी।


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