Gautam Adani Invest In Cement : बीते कुछ समय से गौतम अडानी काफी चर्चा में हैं। एक खास वजह जो उनके चर्चा में रहने की वजह बनी हुई है, वो है उनका सीमेंट कंपनियों को खरीदना। माना जा रहा है कि वे सीमेंट किंग बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अब इसी कड़ी में एक और जानकारी सामने आई है। गौतम अडानी एक और सीमेंट कंपनी के साथ डील करने जा रहे हैं। आगे जानिए इसकी पूरी डिटेल।
जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड
जानकारी सामने आई है कि अरबपति गौतम अडानी का अडानी समूह कर्ज में डूबे जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड के साथ इसकी सीमेंट यूनिट खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है। पोर्ट-टू-पावर अडानी समूह सीमेंट पीसने वाली यूनिट और इसकी अन्य छोटी एसेट्स के लिए लगभग 50 अरब रुपये (606 मिलियन डॉलर) का भुगतान कर सकता है।
कौन करेगा खरीदारी
बता दें कि जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड की सीमेंट यूनिट का अधिग्रहण एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी के समूह द्वारा हाल ही में खरीदी गयी सीमेंट इकाइयों में से किसी एक के द्वारा किया जाएगा। इस डील को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि डील में देरी भी हो सकती है और ये भी संभव है कि डील न हो। आधिकारिक तौर पर डील की कोई जानकारी नहीं है।
अडानी ग्रुप को होगा फायदा
जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड के साथ डील सीमेंट क्षेत्र में अडानी समूह के प्रभुत्व को मजबूत करने में मदद करेगी, जो मई में स्विट्जरलैंड के होल्सिम लिमिटेड से अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड को खरीद चुका है। इससे ये भारत की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी बन गई है। इसकी स्थापित उत्पादन क्षमता रातोंरात लगभग सालाना 67.5 मिलियन टन हो गयी।
जयप्रकाश एसोसिएट्स की सीमेंट क्षमता
जयप्रकाश एसोसिएट्स की सीमेंट पीसने की सुविधा की क्षमता 2 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इस कंपनी ने मध्य भारतीय राज्य मध्य प्रदेश के निगरी में अक्टूबर, 2014 में काम करना शुरू कर दिया था। स्टॉक एक्सचेंज को सोमवार को फाइलिंग के अनुसार, जयप्रकाश एसोसिएट्स के बोर्ड ने कर्ज को कम करने के लिए कंपनी के "महत्वपूर्ण" सीमेंट कारोबार को बेचने का फैसला किया है।
निगरी सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट की बिक्री
जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने कहा कि उसका बोर्ड (किसी भी संभावित खरीदार का नाम लिए बिना) निगरी सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट के साथ-साथ अन्य गैर-प्रमुख संपत्तियों को बेचने पर विचार कर रहा है। अडानी समूह ने पिछले महीने कहा था कि वह पांच साल में अपनी सीमेंट बनाने की क्षमता को बढ़ाकर 140 मिलियन टन करने की योजना बना रहा है और अपने नए अधिग्रहीत सीमेंट कारोबार में 200 अरब रुपये लगाने की योजना बना रहा है। पिछले महीने खबर आई थी कि अडानी समूह को होल्सिम लिमिटेड से अधिग्रहण पूरा करने के कुछ ही दिनों बाद दो भारतीय सीमेंट फर्मों में लगभग 13 बिलियन डॉलर मूल्य के शेयर गिरवी रखने पड़ गए। इन दो कंपनियों में एसीसी लिमिटेड की लगभग 57% और अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड की करीब 63% हिस्सेदारी को कुछ उधारदाताओं और अन्य फाइनेंस पक्षों के लाभ के लिए गिरवी किया गया है।
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