
Gautam Adani : देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन गौतम अडानी अहमदाबाद में सीएन विद्यालय के वाणिज्य विभाग से स्कूल ड्रॉप आउट रहे हैं। गौतम को मुंबई के बेहद ही कारोबार में से एक जो हीरा कारोबार है। इस कारोबार ने उन्हें आकर्षित किया। गौतम ने केवल 3 वर्षो के भीतर ही बिजनेस के इनसाइडर ट्रिक्स में महारत को हासिल कर लिया था। अपने स्कूल के दिनों में गौतम गुजरात के कांडला पोर्ट पर गए थे। जिस दिन गौतम कांडला पोर्ट पर गये थे। उसी दिन उन्होने तय कर लिया था। कि वे अपने जीवन में एक ही कुछ इससे भी बड़ा बना बनाएंगे। उसी दिन से वे अपने सपने को उड़ान देने में लग गए। आइए जानते है इनके बारे में।
गौतम अडानी 20 वर्ष की आयु में ही सेल्फ मेड करोड़पति थे
एक कपड़ा व्यपारी के परिवार में गौतम का जन्म हुआ था। लेकिन, गौतम को अपने फैमिली बिजनेस में कोई दिलचस्पी नहीं थी। 20 वर्ष की आयु में ही गौतम सेल्फ मेड करोड़पति थे। गौतम मुंबई प्रवास के दौरान तीन साल के भीतर हीरा ब्रोकर तौर पर पहले करोड़पति बने। गौतम ने अपने अद्भुत सौदेबाजी कौशल दिखाया। उन्होंने 6 हजार करोड़ रूपये के सौदे में उडुपी थर्मल पावर प्लांट हासिल किया। उनकी वार्ता प्रोसेस थी 100 घंटे से भी ज्यादा नहीं चली।
अपने 3 गुना मुनाफे से अडानी ग्रुप अडानी फाउंडेशन चलाता है
भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादक अडानी की कंपनी हैं। जिसका नाम अडानी पावर लिमिटेड है। अडानी ग्रुप का बिजली का बिजनेस है। जिसके पास कई सारे थर्मल पावर प्लांट हैं। जिसकी पावर 4620 मेगावाट तक है। उनकी कंपनी देश को सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादक हैं साथ ही देश की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा उत्पादक है। अडानी ग्रुप के उपक्रम से जो मुनाफा होता है उसका 3 प्रतिशत मुनाफा से अडानी फाउंडेशन चलाया जाता है। अहमदाबाद में अडानी विद्या मंदिर स्कूल में कम आय वाले जो परिवार है उन परिवार के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जाती हैं।
अपने बचपन के सपने को पूरा किया पोर्ट प्रोजेक्ट के जरिए
अडानी ग्रुप ने वर्ष 1995 में गुजरात में मुंद्रा पोर्ट को निजी तौर पर चलाने का ठेका हासिल किया। गौतम ने इसको देश के सबसे बड़े निजी पोर्ट में बदल दिया। उन्होंने बचपन में जो सपना देखा था। जिसको उन्होंने आज कई गुना साकार किया।


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