Stolen Smartphone IMEI Change: आजकल दिल्ली एनसीआर में मामले काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। हालांकि मोबाइल में एक आईएमइआई नंबर होता है जो हर मोबाइल का अपना यूनिक नंबर होता है और इससे आपके स्मार्टफोन का पता लगाया जा सकता है। लेकिन चोरी करने वाला गिरोह जाने के बाद कुछ ऐसे लोगों के पास ले जाता है, जो स्मार्टफोन की आईएमईआई को बदल देते हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक ने अपने 3 मेंबर्स को आरेस्ट किया है।
पुलिस के हाथ यह एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, क्योंकि अगर यह हैकर्स स्मार्टफोन का आईएमइआई नंबर ही बदल देते हैं, तो फोन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इन सभी स्मार्टफोन को ग्रे मार्केट में कम कीमत पर बेच दिया जाता है।

यह गिरोह पश्चिमी दिल्ली में सक्रिय था और चोरी किए के मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलकर उन्हें बेचने में चोरों की और स्नैचरों की मदद करता था।
यह गैंग इतना शातिर है कि यह बिजली की तरह आते हैं और धुएं की तरह गायब हो जाते हैं और किसी को पता भी नहीं चलता है। दिल्ली में चोरी हुए स्मार्टफोन कब कहां बिक जाते हैं जब तक इसकी भनक लगते हैं तब तक उनका आईएमइआई नंबर भी चेंज हो चुका होता है और उसका कोई भी सुराख नहीं मिलता है।
पुलिस ने जिन तीन शख्स को गिरफ्तार किया है उनमें नरबजीत सिंह, मनीष सिंह और गुरमीत सिंह शामिल है। इन तीनों अभीयुक्तों की उम्र 23 से लेकर 32 साल तक की है और यह तीनों ही तिलक नगर के रहने वाले हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि दिल्ली का तिलक नगर मार्केट कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीद के लिए काफी ज्यादा फेमस है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस ने गिरफ्तार किए गए युवकों के पास से 79 चुराए गए स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इनके पास एक लैपटॉप और सॉफ्टवेयर भी मिला है, जिससे वह मोबाइल का आईएमइआई नंबर चेंज करते हैं।
पुलिस के द्वारा बताया गया है कि आईएमइआई नंबर बदले जाने से उन्हें चोरी किए गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में दिक्कत आती है। ऐसे कई मोबाइल खोने की फिर लॉज की गई थी, लेकिन इन्हीं कर्ण की वजह से उन्हें बरामद नहीं किया जा पा रहा था।
पुलिस ने इस बात का भांडाफोड़ इस तरीके से किया कि उसने कैसे भी करके मोबाइल चुनौती और चोरी के ऐसे कर मामले दर्ज किया और इन सभी मोबाइल की चोरी से एरिया में हुई थी। इसके बाद इस गिरोह को पुलिस के द्वारा धर दबोचा गया है। हालांकि पुलिस अब मोबाइल के असली मालिकों से कनेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनके चोरी हुए मोबाइल फोन उन्हें वापस लौटाए जा सकें।
सूत्रों के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ज्यादातर चोरी किए गए फोन इसलिए नहीं मिलते हैं, क्योंकि शहर में आईएमईआई नंबर चेंज करने वालों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि ऐसे मामलों की वजह से पुलिस प्रशासन काफी ज्यादा परेशान है।
मिल रहे रिकॉर्ड के मुताबिक पुलिस इन चोरों के द्वारा चुराए गए मोबाइल के एक बहुत ही छोटे हिस्से को बरामद कर पाई है। या यू कहे कि पुलिस के हाथ यह मात्र एक छोटा सा सुराग लगा है। हालांकि मोबाइल नंबर की आईएमईआई चेंज करने वालों का गिरोह कितना बड़ा है और इसका कॉन्टेक्ट देश के किन-किन शहरों में है इस बात की जानकारी भी अभी तक किसी को नहीं है।
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