कोरोना कहर के बीच लोगों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिवसीय लॉकडाउन के दौरान एक बड़ा ऐलान किया है।
नई दिल्ली: कोरोना कहर के बीच लोगों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिवसीय लॉकडाउन के दौरान एक बड़ा ऐलान किया है। भारत कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इसी क्रम में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने घोषणा की है गुरुवार से अस्थाई तौर पर राष्ट्रीय राजमार्गो पर टोल टैक्स नहीं लगेगा। जी हां बुधवार को ट्वीट करके बताया कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए देश के सभी टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश दिया गया है। इस आदेश से आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा।
राजमार्गों पर सीमित यातायात
बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना लॉक डाउन के कारण राजमार्गों पर सीमित यातायात, टोल कर्मियों के लिए जोखिम और आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया है। कोरोना लॉक डाउन के कारण पिछले तीन दिनों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का यातायात लगभग ठप पड़ गया है और केवल जरूरी वस्तुओं की सप्लाई करने वाले ट्रक, अनिवार्य सेवाओं से संबंधित सरकारी वाहन तथा एंबुलेंस ही आती-जाती दिखाई पड़ती हैं। इतना ही नहीं नहीं पुलिस भी कुछ प्राइवेट कारों को ही वाजिब कारण बताने पर हाईवे पर जाने की अनुमति दे रही है। ऐसे में बमुश्किल 20 फीसद ट्रैफिक रह गया है तथा दिन ब दिन और घट रहा है।
टोल संग्रह में 75 फीसद की गिरावट
कोरोनावायरस के कारण देखा जाएं तो ज्यादातर कमर्शियल वाहन ही अब मूव कर रहे है इसलिए एनएचएआई के टोल संग्रह में 75 फीसद की गिरावट आई है। वहीं सूत्रों के अनुसार 22 मार्च को लॉकडाउन से पहले एनएचएआई के टोल प्लाजा पर रोजाना तकरीबन 85 करोड़ रुपये का टोल संग्रह होता था। जबकि रविवार को केवल 33 करोड़ रुपये, वहीं सोमवार को 30 करोड़ तथा मंगलवार को देशव्यापी लाक डाउन के पहले करीब 25 करोड़ का टोल एकत्र हुआ। अब संपूर्ण लाक डाउन है। एनएचएआई के एक अधिकारी के अनुसार ज्यादातर लेनें बंद हैं और दोनों ओर एक या दो लेन से काम चलाया जा रहा है।
वाहनों को टोल मुक्त करने पर विचार
यही कारण है कि टोल कर्मचारियों की जरूरत सीमित रह गई है जो कर्मी ड्यूटी कर रहे हैं उनमे, खासकर हाइब्रिड लेन में लगे कर्मियों के संक्रमण का भी खतरा है। टोल कर्मियों के आने जाने की भी दिक्कतें हैं। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति में बाधाएं आ रही हैं। ऐसे में एनएचएआई प्रशासन ने सरकार को सलाह दी थी कि टोल प्लाज़ाओं पर कमाई कम और खर्च ज्यादा की स्थिति पैदा हो उससे पहले ही टोल संग्रह स्थगित कर वाहनों को टोल मुक्त करने पर विचार कर लिया जाना चाहिए।


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