G20 and India's hopes: भारत को विश्व नेताओं से बहुत उम्मीदें हैं, जो वैश्विक स्तर पर सतत विकास के लिए नीतियों और विकास पर चर्चा करने के लिए दो दिवसीय सत्र में मिलने जा रहे हैं। जी20 देशों से कुछ प्रमुख अपेक्षाएं आभासी डिजिटल करेंसी के विनियमन और नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन पर सहमति बनने को लेकर है।
दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन 2023 के लिए विश्व नेताओं की मेजबानी करेगा। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन का आगमन होगा और उनकी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय चर्चा आज होगी। हालाँकि, जी20 शिखर सम्मेलन का आधिकारिक सत्र 9 और 10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में शुरू होगा।

वहीं दूसरी ओर, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस जी20 में शामिल नहीं होने का फैसला किया है, जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में अपने देश के विशेष सैन्य अभियान के कारण व्यक्तिगत रूप से या वीडियो के माध्यम से शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने की अपनी योजना की घोषणा पहले ही कर दी है।
यूनोकॉइन के सीईओ सात्विक विश्वनाथ के अनुसार हाल ही में हुई जी7 बैठक में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) और फाइनेंशियल स्टेबिल्टी बोर्ड स्टैंडर्ड के विनियमन की दिशा में काफी गहन विचार किया गया था। इससे वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार को लेकर महत्वपूर्ण राय बनती लग रही है। सेंट्रल बैंक डिजिटल मुद्राएं (सीबीडीसी) को अपनाने के लिए जी20 देशों के बीच अलग-अलग स्तर पर अपनाने की चर्चा हो रही है। यह चर्चाएं सीबीडीसी की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शिता, विश्वास और सीमा पार सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालती हैं।
बिफोरस्ट लाइफस्टाइल सॉल्यूशंस की सह-संस्थापक सुनीथ रेड्डी के अनुसार आज दुनिया में, टिकाऊ जीवन शैली अब कोई सिर्फ प्रचलित शब्द नहीं रह गया है। यह एक अनिवार्यता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चूंकि हमारी पृथ्वी निरंतर परिवर्तन को झेल रही है, इसलिए टिकाऊ जीवन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के साथ सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। इनके अनुसार वर्ष 2023 सस्टेनिबिल्टी के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हो सकता है। जी20 शिखर सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता से इसे और बल मिल सकता है।


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