Vehicle Fuel Rule: 1 जुलाई से दिल्ली में अब 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंप से फ्यूल नहीं दिया जाएगा। यह नया नियम सिर्फ दिल्ली के नहीं, बल्कि देश के किसी भी राज्य में रजिस्टर्ड पुराने वाहनों पर लागू होगा। चाहे गाड़ी कहीं की रजिस्टर्ड हो, अगर वह तय समय सीमा से पुरानी है तो उसे दिल्ली में फ्यूल नहीं मिलेगा।

1 जुलाई 2025 से नियमों में बदलाव
इस फैसले की पुष्टि 21 जून को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने की है, ताकि दिल्ली-एनसीआर की हवा को थोड़ा और स्वच्छ बनाया जा सके। यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है जो अब तक दिल्ली के नियमों से बचने के लिए अपने पुराने वाहनों को दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड करवा रहे थे।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस पर पहले ही सख्त रुख अपनाते हुए अप्रैल में निर्देश जारी कर दिए थे कि 1 जुलाई 2025 से ओवरएज यानी तय उम्र से पुराने वाहनों को किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन न दिया जाए।
इसका मकसद है-दिल्ली की हवा को प्रदूषण से बचाना और नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करना, चाहे वाहन किसी भी राज्य से रजिस्टर्ड क्यों न हो।
सिर्फ दिल्ली में रजिस्टर्ड पुराने वाहनों के लिए लागू नहीं होगा ये नियम
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएक्यूएम (CAQM) के तकनीकी सदस्य वीरेंद्र शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि यह नियम सिर्फ दिल्ली में रजिस्टर्ड पुराने वाहनों के लिए नहीं है। उन्होंने बताया, "हमारे निर्देशों में कहीं नहीं कहा गया है कि सिर्फ दिल्ली के नंबर वाले एंड ऑफ लाइफ (EOL) वाहनों को ही फ्यूल नहीं मिलेगा। दिल्ली की सड़कों पर दूसरे राज्यों से पंजीकृत कई पुराने वाहन भी चलते हैं और ये भी उतना ही प्रदूषण फैलाते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर दिल्ली के लोग जानबूझकर अपने पुराने वाहन दूसरे राज्यों में रजिस्टर करवा रहे हैं ताकि दिल्ली के नियमों से बच सकें, तो इस तरह की प्रवृत्ति पर रोक लगनी जरूरी है। हमें इस बात की जानकारी है कि ऐसा हो रहा है, और अब इसे गंभीरता से लिया जाएगा।"
दिल्ली और आसपास के इलाकों में हर साल सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक हद तक बढ़ जाता है। इस दौरान एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) अक्सर 'गंभीर' या 'गंभीर से भी ज्यादा' कैटेगरी में पहुंच जाता है। यह हालात खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की तकलीफ से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं।
VaHAN सिस्टम और कैमरा तकनीक से रखी जाएगी नजर
अब दिल्ली में पुराने और नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान VaHAN सिस्टम और कैमरा तकनीक के ज़रिए की जाएगी। पेट्रोल पंपों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट स्कैन करके यह जांचेंगे कि वाहन कितना पुराना है, उसका रजिस्ट्रेशन वैध है या नहीं, और क्या उसके पास मान्य पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट है या नहीं।
राजधानी के 520 में से 500 पेट्रोल पंपों पर ये कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं, और बाकी पर 30 जून तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। अगर कोई वाहन तय नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो कैमरा तुरंत अलर्ट भेजेगा। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर ऐसे वाहन जब्त कर सकती है।
दिल्ली से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और सोनीपत जैसे पांच जिलों में भी 1 नवंबर 2025 से पुराने और बिना पीयूसी वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। इन जिलों में 31 अक्टूबर तक ANPR कैमरे लगाने का काम पूरा किया जाएगा। एनसीआर के बाकी जिलों में यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। तब तक उन जगहों पर भी ANPR कैमरों की स्थापना अनिवार्य होगी, ताकि नियमों को समान रूप से लागू किया जा सके।


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