देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत चर्चा का विषय बन गयी है। बड़ी बात ये है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगने वाली है।
नई दिल्ली, फरवरी 9 । देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत चर्चा का विषय बन गयी है। बड़ी बात ये है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और तेजी या यूं कहें कि आग लगने वाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

वहीं देश में दिवाली के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल कीमत में भारी उछाल के बावजूद देश में करीब तीन महीने से पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं आया है। लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। बढ़ने लगी GOLD की चमक, जल्द ही 50 हजारी होगा सोना
आ सकता है पेट्रोल और डीजल की कीमत में भारी उछाल
इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में भारी उछाल आ सकता है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं 1 दिसंबर को इसकी कीमत 69 डॉलर पर आ गई थी जो 4 नवंबर को 81 डॉलर थी। लेकिन कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन का खतरा कम होते ही इसमें फिर तेजी आई है। यूक्रेन और रूस के बीच जारी तनाव भी इसका प्रमुख कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में चार नवबंर के बाद 12 डॉलर प्रति बैरल यानी 15 फीसदी की तेजी आई है जबकि इस दौरान देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
महंगाई पर भी पड़ सकता है चुनाव का असर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत रेटिंग और अनुसंधान में प्रिंसिपल इकनॉमिस्ट सुनील कुमार सिन्हा की माने तो घरेलू तेल कंपनियों का यह व्यवहार पॉलिटिक्स पर आधारित है, ना की इकनॉमिक्स पर। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें इस स्तर पर बनी रहती हैं तो हमें चुनाव के बाद बड़ा झटका झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि चुनावों के बाद घरेलू तेल कंपनियों पेट्रोल-डीजल की कीमत में भारी बढ़ोतरी कर सकती हैं ताकि अभी हो रहे नुकसान की भरपाई की जा सके। इसका महंगाई पर व्यापक असर होगा।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उतार चढ़ाव जारी
कंज्यूमर्स के लिए कीमतों में एक साथ भारी बढ़ोतरी के बजाय रोज-रोज होने वाले मामूली बदलाव को झेलना आसान है। एक साथ कीमतों में भारी तेजी से ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ जाती है और इससे बाकी चीजें भी महंगी हो जाती है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के चेयरमैन के मुताबिक पिछले हफ्ते कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुताबिक होंगी लेकिन कीमतों में रोज होने वाले बदलाव से उपभोक्ताओं को असुविधा होगा। इसकी वजह यह है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उतार चढ़ाव हो रहा है। वहीं अभी घरेलू कंपनियां इसे उपभोक्ताओं पर नहीं डाल रही है जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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