FSSAI on 100 percent fruit juice claim: आपने कई सारे ऐसे फ्रूट जूस पीए होंगे जिसमें '100 % Real Fruit Juice' लिखा होता है, लेकिन असल में कई फ्रूट जूस कंपनियां गलत दावा करती हैं।

जानी-मानी खाद्य उत्पादक कंपनियां अलग-अलग प्रकार के डिब्बाबंद जूस को भी 100 प्रतिशत फलों के जूस होने का दावा करती हैं। FSSAI ने ऐसी कंपनियों को तुरंत विज्ञापनों पर अपने दावे को हटाने के निर्देश दिए हैं।
'100 फीसदी फलों का रस' नहीं बता सकती कंपनियां
खाद्य उत्पादक कंपनियां अपने विज्ञापनों में डिब्बाबंद जूस को 100 फीसदी फलों का रस होने का दावा नहीं कर सकती हैं। एफएसएसएआई ने इस संबंध में सभी खाद्य व्यवसाय से जुड़ी कंपनियों को निर्देश दिए हैं, जाे तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
FSSAI ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) को निर्देश दिया कि वे पुनर्गठित फलों के रस के लेबल और विज्ञापनों से '100% फलों के रस' के किसी भी दावे को तत्काल प्रभाव से हटा दें। FSSAI ने सभी FBO को 1 सितंबर, 2024 से पहले सभी मौजूदा प्री-प्रिंटेड पैकेजिंग सामग्री को समाप्त करने का भी निर्देश दिया गया है।
FSSAI के संज्ञान में आया है कि कई एफबीओ विभिन्न प्रकार के रेकॉन्स्टिटूटेड फलों के रसों को 100 प्रतिशत फलों के रस होने का दावा करके गलत तरीके से विपणन कर रहे हैं।
स्टैंडर्ड का अनुपालन करना है जरूरी
पुनर्गठित फलों के रसों को '100 प्रतिशत फलों के रस' के रूप में बिक्री के संबंध में जारी स्पष्टीकरण में, एफएसएसएआई ने एफबीओ को खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमन, 2011 के उप-विनियमन 2.3.6 के तहत निर्दिष्ट फलों के रस के स्टैंडर्ड का अनुपालन करने के लिए भी सूचित किया।
एफएसएसएआई ने आगे कहा कि स्टैंडर्ड के अंदर कवर किए गए उत्पादों को खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम, 2020 के अनुसार लेबल किया जाना चाहिए। विशेष रूप से, सामग्री सूची में, "रेकॉन्स्टिटूटेड (reconstituted)" शब्द का उल्लेख उस रस के नाम के सामने किया जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, यदि जोड़ा गया पोषक मिठास 15 ग्राम / किलोग्राम से अधिक है, तो उत्पाद को 'मीठा रस' के रूप में लेबल किया जाना चाहिए।
फूड सेफ्टी के नियमों को मजबूत करना है लक्ष्य
FSSAI ने यह भी कहा है कि वह लगातार फूड सेफ्टी के नियमों को मजबूती से लागू करने का प्रयास करती है और किसी भी कंपनी को भ्रामक दावे करके कस्टमर्स को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।
सभी कंपनियों को फलों के जूस के संबंध में बनाए गए नियमों का पालन करना होगा। FSSAI के अनुसार, ऐसे गुमराह करने वाले दावों पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए।
कई कंपनियां लगातार ऐसे भ्रामक दावे कर रही हैं जिससे लोगों के स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है।
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