नयी दिल्ली। एशिया के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स में हिस्सेदारी बिक्री और राइट्स इश्यू के जरिए जुटाई गई पूंजी को भारतीय डेब्ट फंड्स में निवेश कर रही है। मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन हैं जो मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी है। रिलायंस कम से कम 4.7 अरब डॉलर भारतीय डेब्ट फंड्स में निवेश कर रही है। डेब्ट फंड्स ऐसी जगह हैं जहां एक आम निवेशक भी पैसा लगा सकता है। यानी आपके पास उसी जगह से पैसा कमाने का मौका है, जहां से मुकेश अंबानी कमाएंगे। आइए विस्तार से जानते हैं उन फंड्स के बारे में जहां रिलायंस पैसा निवेश कर रही है।
अल्ट्रा शॉर्ट और मनी-मार्केट फंड में निवेश
लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस म्यूचुअल फंड के अल्ट्रा शॉर्ट और मनी-मार्केट फंड्स में पैसा लगा रही है। साथ ही कंपनी उन डेब्ट फंड्स में निवेश कर रही है, जो औसतन 3 से 5 साल में मैच्योर होंगे। मुकेश अंबानी ने हाल के महीनों में जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए गूगल से लेकर फेसबुक तक के साथ डील की हैं। इससे रिलायंस को करीब 20 अरब डॉलर (लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये) हासिल होंगे। रिलायंस इंडिया के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की हाल ही में हुई 43वीं एजीएम (सालाना आम बैठक) में जानकारी दी थी कि अमेरिकी तकनीक दिग्गज कंपनी गूगल जियो प्लेटफॉर्म्स में 33,737 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। गूगल इसके बदले जियो प्लेटफॉर्म्स में 7.7 फीसदी हिस्सेदारी की मालिक बन जाएगी। पिछले कुछ हफ्तों में रिलायंस के फंड फ्लो भारतीय वित्तीय बाजारों में चर्चा का विषय बन गया है।
35000 करोड़ रु का किया निवेश
पेट्रोकेमिकल, रिटेल और टेलीकॉम तक की दिग्गज रिलायंस ने डेब्ट फंड्स में करीब 35000 करोड़ रु (4.7 अरब डॉलर) का निवेश किया है। इंडस्ट्री से जुड़ी एक अधिकारी ने कंपनी का नाम लिए हुए बिना कहा कि एक दिग्गज कंपनी म्यूचुअल फंड की डेब्ट स्कीम में भारी निवेश कर रही है और इसके कुछ और समय तक जारी रहने की संभावना है। रिलायंस ने पिछले कुछ हफ्तों में जियो प्लेटफॉर्म्स, इसकी डिजिटल इकाई, ऊर्जा व्यवसाय में हिस्सा बेचने के साथ-साथ राइट्स इश्यू से पैसे जुटाए और जून में खुद के डेब्ट-फ्री होने का ऐलान कर दिया।
लंबे समय तक रहेगा निवेश
रिलायंस का ये निवेश पैसा लंबी अवधि के रहेगा। साथ ही रिलायंस फंड्स के अलावा दूसरी जगहों पर भी पैसा लगा सकती है। इसमें इंटेरेस्ट रेट साइकिल में दांव लगाना शामिल है। तेज फंड फ्लो से छोटी अवधि के बॉन्ड में तेजी आ रही है, जिससे बैंक और निवेशक भी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दरों में और अधिक कटौती की संभावना के बीच इस तरह की डेब्ट फंड्स में पैसा लगा रहे हैं। 5.22% 2025 बॉन्ड यील्ड में इस महीने 19 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है, जबकि बेंचमार्क 10 साल की यील्ड में आठ बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा की गिरावट आई है।
रिलायंस का फाइनेंशियल मार्केट में प्रभाव
वित्तीय बाजार में रिलायंस के प्रभाव ने पहले भी ध्यान खींचा है। पिछले साल कंपनी और इसकी एक यूनिट ने आरबीआई द्वारा आयोजित मुद्रा स्वैप नीलामी में 60% से अधिक हिस्सा हासिल कर लिया था। 2017 में ब्याज दरों में गिरावट के चलते रिलायंस ने 70 अरब रुपये से अधिक पैसा फंड्स में लगाया था।


Click it and Unblock the Notifications