नई दिल्ली, अप्रैल 26। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) जगदीश खट्टर का 26 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। पूर्व नौकरशाह खट्टर भारतीय ऑटो उद्योग के सबसे हाई प्रोफ़ाइल अधिकारियों में से एक माने जाते थे और उन्हें मारुति की फ्यूचर ग्रोथ की नींव रखने का श्रेय दिया जाता था। वह 1993 से 2007 तक मारुति उद्योग लिमिटेड के साथ जुड़े रहे। वे 1993 में एक डायरेक्टर (मार्केटिंग) के रूप में मारुति के साथ जुड़े और 1999 में एमडी बन गए। पहले एक सरकारी नॉमिनी के रूप में और फिर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (एसएमसी) की तरफ उन्हें 2002 में नामित किया गया।

ये है खट्टर की प्रोफाइल
मारुति में शामिल होने से पहले खट्टर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे। उन्होंने केंद्रीय इस्पात मंत्रालय में संयुक्त सचिव और उत्तर प्रदेश सरकार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्यभार संभाला। 2007 में 65 वर्ष की आयु में रिटायर होने के बाद खट्टर ने एक मल्टी-ब्रांड कार सेल्स और सर्विस नेटवर्क कार्नेशन शुरू किया। 2018 में महिंद्रा फर्स्ट चॉइस ने उसे खरीद लिया था।
विवादों से रहा नाता
दिसंबर 2019 में सीबीआई ने खट्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। खट्टर पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ 110 करोड़ रुपये का बैंक लोन फ्रॉड करने का आरोप लगा था। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में पंजाब नेशनल बैंक को 110 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए खट्टर और उनकी कंपनी कार्नेशन ऑटो इंडिया लिमिटेड का नाम लिया था।
ये है उनका पूरा सफर
खट्टर ऊपर चढ़ते हुए 1999 में मारुति उद्योग के एमडी बने, जिस समय ये एक सरकारी कंपनी थी। 2002 में मारुति के निजीकरण के बाद सुजुकी ने उन्हें एमडी के रूप में बरकरार रखा और कंपनी को उन विदेशी ऑटो कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा में मदद की, जो भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने में लगी हुई थीं। खट्टर मारुति से 65 वर्ष की आयु में रिटायर हुए।


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