इस सप्ताह भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई क्योंकि विदेशी मुद्रा भंडार $ 446.09 बिलियन तक पहुंच गया। FCA में 3.210 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी देखी गई और सोने में 301 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई।

देश के विकास और उन्नति के लिए एक अच्छी खबर आयी है। दरअसल देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक नवंबर को समाप्त सप्ताह में 3.52 अरब डॉलर से बढ़कर 446.09 अरब डॉलर के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताहांत में देश का विदेशीमुद्रा भंडार 1.83 अरब डॉलर से बढ़कर 442.58 अरब डॉलर हो गया था।
आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि आलोच्य सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.201 अरब डॉलर 413.65 अरब डॉलर बढ़कर हो गई। विदेशी मुद्रा परिसम्पत्तियां विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉलर में अभिव्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा जैसे यूरो, पौंड और जापानी येन जैसी मुद्राओं की विनिमय दर के घटने और बढ़ने से भी प्रभावित होती हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ विशेष आहरण अधिकार सप्ताह के दौरान $2 मिलियन से बढ़कर $ 1.443 बिलियन हो गया। आंकड़ों के मुताबिक, फंड के साथ देश की आरक्षित स्थिति भी $ 10 मिलियन से बढ़कर 3.648 बिलियन डॉलर हो गई। तो वहीं सप्ताह के दौरान, स्वर्ण भंडार $ 301 मिलियन से बढ़कर $ 27.353 बिलियन हो गया।
भंडार में वृद्धि ने भारतीय बाजार में वित्तीय संस्थानों की रुचि को दिखाया है क्योंकि अधिक धन भंडार में जुड़ रहे हैं।
बता दें कि 18 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 1.039 अरब डॉलर 440.751 अरब डॉलर के बराबर रहा। इससे पिछले सप्ताहांत विदेशी मुद्रा भंडार 1.879 अरब डॉलर 439.712 अरब डॉलर के स्तर पर था। रिजर्व बैंक ने कहा था कि आलोच्य सप्ताह के दौरान विदेशी-मुद्रा परिसंपत्तियां 93.1 करोड़ डॉलर से बढ़कर 408.881 अरब डॉलर हो गए हैं।


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