नयी दिल्ली। विदेशी निवेशकों ने अप्रैल में भारतीय बाजारों में 9,103 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसका कारण है कोरोना संकट, जिसके चलते निवेशक सोने और डॉलर-डोमिनेटेड सिक्योरिटीज जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ा रहे हैं। ताजा जमा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के शुरुआती 9 दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इक्विटी बाजार में 2,951 करोड़ रुपये और डेब्ट सेगमेंट में 6,152 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। यानी कुल 9103 करोड़ रुपये निकाले गए हैं। इससे पहले पिछले महीने मार्च में भी एफपीआई ने भारतीय बाजारों (इक्विटी और डेब्ट दोनों) से 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड राशि निकाल ली थी।

मार्च में निकाली रिकॉर्ड पूंजी
मार्च में एफपीआई ने भारतीय बाजार से 1.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाले थे, जो नेशनल सिक्योरिटीज डेपोजिटरी पर जब से एफपीआई डेटा उपलब्ध है तब से लेकर अब किसी महीने में विदेशी निवेशकों द्वारा निकाली गई रिकॉर्ड पूंजी है। जानकार कहते हैं कि जैसा कि कोरोना महामारी विभिन्न देशों में फैल रही है, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट आना स्वाभाविक है। इस महामारी ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे विश्व स्तर पर शेयर बाजारों में बिकवाली हो रही है।
विकासशील देश सबसे अधिक प्रभावित
शेयर बाजार के जानकार कहते हैं कि निवेशकों के सुरक्षित उपकरणों में निवेश करने से विकासशील देश सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इन विकासशील देशों में भी भारत को सबसे तगड़ा झटका लगा है। भारत में इक्विटी और डेब्ट दोनों ही बाजार में स्थिति बिगड़ी हुई है। हालांकि अप्रैल के अंतिम दो कारोबारी दिनों में इक्विटी बाजार में एफपीआई का निवेश सकारात्मक रहा है। इसका कारण है यूरोपीय बाजारों में यह उम्मीद की जा रही है कोरोना अपने अपने पीक पर है।
गोल्ड में बढ़ा निवेश
इस दौरान गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ में करीब 6 साल बाद निवेश में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गोल्ड ईटीएफ में वित्त वर्ष 2019-20 में 1,600 करोड़ रुपये की निवेश राशि आई है। इससे पहले पिछले 6 वित्त वर्षों में इसमें लगातार निकासी ही होती रही है। इसका कारण साफ है कि कोरोना संकट के बावजूद गोल्ड को एक सुरक्षित निवेश माना जा रहा है।


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