नई दिल्ली, जून 5। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 मई 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 3.854 अरब डॉलर बढ़कर 601.363 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार यह वृद्धि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में हुई बढ़ोतरी के चलते हुई है। वहीं इससे पिछले सप्ताह, विदेशी मुद्रा भंडार 4.230 अरब डॉलर बढ़कर 597.509 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
चीन 3.30 ट्रिलियन डॉलर
जापान 1.32 ट्रिलियन डॉलर
स्विटरलैंड 1.03 ट्रिलियन डॉलर
भारत 601,363 बिलियन डॉलर
रूस 589,600 बिलियन डॉलर
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
जानिए क्यों बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में वृद्धि का होना रहा है, जो कुल मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण घटक है। आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 3.61 अरब डॉलर बढ़कर 536.988 अरब डॉलर हो गई हैं। डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी बढ़ी
वहीं आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन समय के दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य भी 9.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 40.917 अरब डॉलर हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 13.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.438 अरब डॉलर हो गया। आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 1.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.019 अरब डॉलर पर पहुंच गया।


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