Crypto Exchange News: वित्त मंत्रालय ने विदेशों से चल रहे क्रिप्‍टो एक्सचेंज पर लगाई रोक

Cryptocurrency in India: आ रही बड़ी जानकारी के मुताबिक भारतीय वित्त मंत्रालय विदेश से चल रही कई क्रिप्टो एक्सचेंज पर रोक लगा सकता है। इसी सिलसिले में भारत सरकार ने कई क्रिप्टो एक्सचेंज की यूआरएल को भी बैन कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता देती जिन क्रिप्टो एक्सचेंज का यूआरएल बन किया गया है इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का लोन का पालन न करने का आरोप लगा है। भारत सरकार अभी भी क्रिप्टो करेंसी को लेकर काफी कड़ा रुख अपना रही है।

वहीं अमेरिका जैसे देशों में बिटकॉइन को एट यानी एक्सचेंज ट्रेडेट फंड की मंजूरी भी मिल गई है। यानी एक तरह से कहा जाए तो अब अमेरिका में बिटकॉइन में इन्वेस्टमेंट करना लीगल हो चुका है। हालांकि भरत सरकार का रवैया इस मुद्दे पर काफी अलग है। भारत सरकार में सुरक्षा की दृष्टि से चार क्रिप्टो एक्सचेंज पर एक्शन लिया है और उनके यूआरएल को ब्लॉक कर दिया है।

Crypto currency

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिन क्रिप्टो करेंसी की यूआरएल को ब्लॉक किया गया है, उनमें बाइनेंस, कूकॉइन और ओकेएक्स जैसे क्रिप्टो प्लेटफार्म शामिल हैं और इनकी वेबसाइट पर भी बैन लगा दिया गया है।

मिल रही सूचना के मुताबिक मनी लांड्रिंग के कानून का पालन किए बिना यह सभी क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज बिना मनी लॉन्ड्रिंग कानून का पालन किए हुए ट्रेड कर रहे थे। ऐसे ही प्लेटफार्म द्वारा बिना मनी लॉन्ड्रिंग कानून का पालन किए हुए ट्रेड करने से भारत सरकार को लगभग 3000 करोड़ रुपए तक का नुकसान हर साल उठाना पड़ रहा है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के द्वारा कुछ दिन पहले ही इस तरह रवैये में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं आया है। बैंक का साफ कहना है कि क्रिप्टो करेंसी में कौन सा देश किस तरह से ट्रेडिंग कर रहा है, उसका हमसे मतलब नहीं है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का मानना है कि अगर लोग क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करते हैं, तो उन्हें जबरदस्त मार्केट रिस्क का सामना भी करना पड़ेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्रिप्टो करेंसी ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर काम करती है और आरबीआई के गवर्नर को ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी से कोई खास दिक्कत नहीं है और उन्होंने इस पर पॉजिटिव रिएक्शन भी दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा इन सभी प्लेटफार्म को पहले भी नोटिस जारी किया जा चुका था। इसके साथ ही भारत की सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन सभी प्लेटफार्म के यूआरएल को नियमों का पालन न करने पर इंडिया में इनके यूआरएल ब्लॉक करने की चेतावनी भी दी थी।

आपको बताते चलें कि आईओएस एंड स्मार्टफोन से इन इन क्रिप्टो करेंसी के एप्लीकेशन को पहले ही हटा दिया गया है और कुछ दिनों के अंदर इन्हें एंड्रॉइड से भी हटा दिया जाएगा।

अब कंपनी के प्लेटफॉर्म बैन होने से इनवेस्टर्स की जान हलक मे अटक गई है। बायनेंस द्वारा सोशल मीडिया पर इसके एप्लीकेशन को बैन करने की बात कही गई है। ऐसे में निवेशकों को यह टेंशन हो रही है कि उनके पैसों का क्या होगा। हालांकि कंपनी ने इस बात का आश्वासन भी दिया है कि जिन भी इन्वेस्टर के पैसे उनके पास जमा है वह पूरी तरह से सुरक्षित है।

कंपनी ने भारत के नियमों का पालन करने की भी बात कही है। हालांकि इस कंपनी के पोस्ट से यह बात साफ हो रही है, कि अगर भारत में कोई भी विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंज कारोबार कर रहा है तो उसे आरबीआई की नीतियों के अनुसार ही चलना होगा। भारत जैसे उभरते हुए मार्केट को कोई भी इतनी आसानी से नहीं छोड़ना चाहेगा यही कारण है कि शायद अब बाइनेंस ने भी अपनी भूल सुधारने का फैसला किया है।

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