नई दिल्ली, सितंबर 9। फोर्ड इंडिया ने गुरुवार को भारत में कार मैन्युफैक्चरिंग की घोषणा की। मगर यह देश में मौजूद रहेगी। कंपनी वैश्विक वाहनों और इलेक्ट्रिफाइड प्रोडक्ट्स के आयात के जरिए देश में अपनी उपस्थिति जारी रखेगी। फोर्ड भारत में ग्राहकों को पुर्जे, सर्विस और वारंटी सहायता ऑफर करना जारी रखेगी। कंपनी के योजना के तहत फोर्ड इंडिया 2021 की चौथी तिमाही तक सानंद में व्हीकल असेंबली और 2022 की दूसरी तिमाही तक चेन्नई में वाहन और इंजन निर्माण को बंद कर देगी।

क्यों लिया यह फैसला
कंपनी ने यह सख्त फैसले पिछले 10 वर्षों में 2 अरब डॉलर से अधिक के कुल ऑपरेशनल घाटे और 2019 में संपत्ति के 0.8 अरब डॉलर के नॉन-ऑपरेटिंग राइट-डाउन का के कारण लिए है। फोर्ड मस्टैंग कूप सहित प्रतिष्ठित वाहनों का आयात और बिक्री शुरू करेगी। फिगो, एस्पायर, फ्रीस्टाइल, इकोस्पोर्ट और एंडेवर जैसे मौजूदा उत्पादों की बिक्री मौजूदा डीलर इन्वेंट्री के बेचे जाने के बाद बंद हो जाएगी।
ग्राहकों का रखेंगे ध्यान
फोर्ड इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा ने कहा मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि फोर्ड भारत में अपने ग्राहकों की देखभाल करना जारी रखेगी। फोर्ड इंडिया के डीलरों के साथ मिलकर काम कर रही है, जिनमें से सभी ने लंबे समय तक कंपनी को सपोर्ट किया है। हम अपने ग्राहकों की देखभाल करने और रीस्ट्रक्चरिंग से प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए कर्मचारियों, यूनियनों, डीलरों और सप्लायर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जनरल मोटर्स और हार्ले डेविडसन
जनरल मोटर्स और हार्ले डेविडसन के बाद, फोर्ड भारत में विनिर्माण रोकने वाली तीसरी अमेरिकी ऑटो कंपनी है। ऐसा मुख्य रूप से बिक्री में भारी गिरावट के कारण हुआ है। फोर्ड मौजूदा निर्यात ऑर्डर को पूरा करना जारी रखेगी और 2022 की दूसरी तिमाही तक सभी असेंबल यूनिट को बंद कर देगी। कार निर्माता अब भारत को अन्य क्षेत्रों में निर्यात करने के लिए एक विनिर्माण केंद्र के रूप में उपयोग नहीं करेगी।


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