नयी दिल्ली। पीएम मोदी द्वारा घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर जानकारी देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पांचवी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वित्त मंत्री ने आर्थिक राहत के साथ आज भी कई रिफॉर्म्स करने की जानकारी दी। इन्हीं में से एक सरकारी कंपनियों के निजीकरण को बढ़ावा देना। ये इस बात का संकेत है कि सरकार पीएसयू कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने में तेजी लाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए एक नीति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक सुसंगत नीति की आवश्यकता है जिसमें निजी क्षेत्र को सभी क्षेत्रों में भाग लेने की अनुमति होगी जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।

क्या होगी नई पॉलिसी
नई पॉलिसी के तहत सार्वजनिक हित में सरकारी कंपनियों की उपस्थिति की आवश्यकता वाले रणनीतिक क्षेत्रों की सूची को अधिसूचित किया जाएगा। इन रणनीतिक सेक्टरों में कम से कम एक कंपनी पब्लिक सेक्टर में रहेगी, जबकि प्राइवेट सेक्टर को भी अनुमति दी जाएगी। बाकी सेक्टरों में सरकारी कंपनियों का निजीकरण किया जाएगा। बिना जरूरत की प्रशासनिक लागतों को कम किया जाएगा। रणनीतिक क्षेत्रों में कंपनियों की संख्या केवल एक से चार होगी, अन्य कंपनियों का निजीकरण / विलय / होल्डिंग कंपनियों के तहत लाया जाएगा। बता दें कि सरकार हर साल विनिवेश लक्ष्य रखती है। इस विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने के लिए भी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेची जाती है। बजट में भी सरकार ने पीएसयू कंपनियों के विनिवेश का ऐलान किया था।
प्राइवेट कंपनियों को राहत
ईज ऑफ डुइंग बिजनेस कार्यक्रम के तहत कंपनियों को उन विदेशी बाजारों में अपनी सिक्योरिटीज सीधे लिस्ट करने की इजाजत होगी, जिनके लिए अनुमति है। इसके अलावा वे कंपनियां जो स्टॉक एक्सचेंजों पर नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर लिस्ट करती हैं उन्हें लिस्टेड कंपनी नहीं माना जाएगा। एनसीएलएटी (National Company Law Appellate Tribunal) को अधिक/विशेष बेंच स्थापित करने की पावर दी जाएगी।
More From GoodReturns

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

RBI MPC Meeting August 2026: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लोन और आपकी EMI पर कैसा असर?

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

RBI ने Repo Rate रखा बरकरार, EMI, महंगाई, रुपया और शेयर बाजार पर क्या असर?

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications