नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर अपनी पांचवी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आज कई सेक्टरों के लिए आर्थिक मदद की सहायता के साथ ही रिफॉर्म्स पर भी ऐलान किए गए। एक ऐसा ही रिफॉर्म कंपनियों के लिए विदेशों में लिस्टिंग पर किया गया है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस कार्यक्रम के तहत कंपनियों को उन विदेशी बाजारों में अपनी सिक्योरिटीज सीधे लिस्ट करने की इजाजत होगी, जिनके लिए अनुमति है। इसके अलावा वे कंपनियां जो स्टॉक एक्सचेंजों पर नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर लिस्ट करती हैं उन्हें लिस्टेड कंपनी नहीं माना जाएगा। एनसीएलएटी (National Company Law Appellate Tribunal) को अधिक/विशेष बेंच स्थापित करने की पावर दी जाएगी।

मनरेगा के लिए बड़ा ऐलान
आज वित्त मंत्री ने मनरेगा के तहत अतिरिक्त 40 हजार करोड़ रु आवंटित किए जाने का ऐलान किया। बता दें कि बजट 2020 में मनरेगा योजना के लिए 61000 करोड़ रु आवंटित किए गए। ये 40000 करोड़ रुपये इससे अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे। इससे काम के 300 करोड़ अधिक व्यक्ति दिन जनरटे होंगे और वे प्रवासी मजदूर जो अपने घरों को लौट रहे हैं उन्हें काम मिल सकेगा।
ग्रामीण इकोनॉमी को होगा फायदा
वित्त मंत्री के मुताबिक सरकार की तरफ से मनरेगा के लिए किए गए अतिरिक्त आवंटन से अधिक मात्रा में जल संग्रह संपत्तियों सहित टिकाऊ और आजीविका संपत्तियां तैयार होंगी। अधिक प्रोडक्शन से ग्रामीण इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। बता दें कि इस वित्त वर्ष में अब तक मनरेगा के तहत 1.06 करोड़ परिवारों को 13.59 करोड़ व्यक्ति-दिन का रोजगार मिला है। इसके मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में सिर्फ अप्रैल में ही 1.55 करोड़ परिवारों को 24.66 करोड़ व्यक्ति-दिन का काम मिला था।
अन्य अहम जानकारी :
- लॉकडाउन बढ़ाए जाने पर गरीबों को फ्री राशन दिया गया
- 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन दिया गया
- निर्माण मजदूरों को 50.35 करोड़ रु की मदद दी गई
- 12 लाख से अधिक ईपीएफओ सब्सक्राइबर को फायदा पहुंचाया
- किसानों को 86 करोड़ रु का कर्ज भी दिया गया।


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