FM राहत पैकेज : 5 दिनों में किस-किस के लिए खुला खजाना, एक नजर में जानिए

नयी दिल्ली। कोरोना संकट के आने बाद दुनिया भर की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। कारोबार बंद और ठप्प हो गए, शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई, जीडीपी नीचे आ गई और सरकारों की इनकम लुढ़क गई। अंदाजा लगाया जाने लगा कि कोरोना सदी की सबसे बड़ी महामंदी लाने वाला है। भारत में भी कोरोना का असर बहुत भयंकर रहा है। देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ गरीब वर्ग, जिसके सामने खाने के भी लाले पड़ गए। ऐसे में केंद्र सरकार आगे आई और कोरोना संकट के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए एक राहत पैकेज का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया, जो भारत की जीडीपी का 10 फीसदी और अभी तक का सबसे बड़ा राहत पैकेज है। इसमें गरीबों, किसानों, पेंशन लाभार्थियों, मजदूरों, एमएसएमई के लिए आर्थिक लाभ के साथ-साथ कई सेक्टरों में रिफॉर्म्स किए गए। इस पूरे पैकेज पर विस्तार से जानकारी देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार पांच दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आज इस सिलसिले की उनकी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस रही। इन पांच दिनों में किस सेक्टर और वर्ग को क्या आर्थिक मदद मिली और किस सेक्टर में क्या बड़े रिफॉर्म्स किए गए जानिए एक नजर में।

पहले दिन (13 मई) किसे क्या मिला

पहले दिन (13 मई) किसे क्या मिला

एमएसएमई
छोटे उद्योगों (एमएसएमई) के लिए 3 लाख करोड़ के बिना गांरटी के लोन का ऐलान, जिससे 45 लाख एमएसएमई को लाभ मिलेगा। एमएसईएम को एक साल तक ईएमआई से राहत और संकट में फंसे एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त लोन का ऐलान किया गया।

ईपीएफ
15000 रुपये से कम सैलेरी वालों का अगस्त तक ईपीएफ केंद्र सरकार देगी। इससे 72.22 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। कर्मचारियों का ईपीएफ तीन महीने तक 12 फीसदी की जगह 10 फीसदी कटेगा ताकि उन्हें अधिक पैसा मिले। कंपनियों को भी कम ईपीएफ योगदान देना होगा और लेट ईपीएफ जमा करने पर जुर्माना नहीं लगेगा।

एनबीएफसी
नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए 30,000 करोड़ की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम का ऐलान।

एमएसएमई की परिभाषा बदली
ज्यादा टर्नओवर के बावजूद कंपनिों का छोटे उद्योग का दर्जा बरकरार रहेगा। 1 करोड़ रुपये के निवेश वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट होंगी। 10 करोड़ रु निवेश या 50 करोड़ रु के टर्नओवर पर छोटे उद्योग का दर्जा मिलेगा।

बिजली कंपनियों को फंडिंग
बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए 90 हजार करोड़ रुपये की इमरजेंसी लिक्विडिटी की घोषणा की गई।

इनकम टैक्स भरने पर राहत
आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी गई। विवाद से विश्वास स्कीम को भी 31 दिसंबर 2020 तक के लिए बढ़ाया गया। टीडीएस/टीसीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स/ टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) की दरों में 25 फीसदी की कटौती, जो 31 मार्च 2021 तक बरकरार रहेगी।

दूसरे दिन (14 मई) के बड़े ऐलान

दूसरे दिन (14 मई) के बड़े ऐलान

प्रवासी मजदूरों के लिए राहत
कोरोना संकट के दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। गरीब मजदूरों को न्यूनतम वेतन मिले और क्षेत्रीय असामनता दूर करने के लिए कानून बनेगा। प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए अगस्त से वन नेशन वन राशन कार्ड लागू किया जाएगा।

पीएम आवास योजना के तहत सब्सिडी
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के 31 मार्च तक विस्तार का ऐलान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आप पहला घर बनाने या खरीदने के लिए सरकार की तरफ से होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड
2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 2 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा। इस सुविधा का बेनेफिट कृषि क्षेत्र में लगे किसानों के अलावा पशु पालकों और मछुआरे भी ले सकेंगे।

मजदूरों को सस्ते किराये पर घर
प्रवासी मजदूरों के लिए किफायती घरों का ऐलान किया गया। सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक स्कीम लॉन्च करेगी, जिसके तहत प्रवासी मजदूरों / शहरी गरीबों को कम किराए पर रहने के लिए घर मुहैया किए जाएंगे।

रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार का लोन
वित्त मंत्री ने स्ट्रीट वेंडर्स यानी रेहड़ी, पटरी वालों के लिए 5000 करोड़ रुपये की विशेष लोन सुविधा की घोषणा की है। इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को बतौर शुरुआती वर्किंग कैपिटल 10 हजार रुपये देगी। सही समय पर लोन चुकाने वालों को भविष्य में अधिक लोन मिल सकेगा

शिशु मुद्रा लोन पर राहत
50000 रु तक वाले मुद्रा शिशु लोन पर ब्याज से राहत दी जाएगी। मुद्रा शिशु लोन लेने वालों के ब्याज में 2 फीसदी की छूट होगी। इसका खर्चा सरकार उठाएगी।

तीसरे दिन (15 मई) की बड़ी घोषणाएं

तीसरे दिन (15 मई) की बड़ी घोषणाएं

कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ रुपये
कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई। इस आर्थिक मदद से कीमत और किसानों की इनकम बढ़ाने में मदद मिलेगी।

एफएमई के लिए 10000 करोड़ रु
ये 10000 करोड़ रुपये की योजना माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (एमएफई) के औपचारिकरण के लिए होगी, जिससे पीएम मोदी की 'Vocal for Local' पहल को बढ़ावा मिलेगा। असंगठित एमएफई इकाइयों को एफएसएसएआई के फूड मानकों को पूरा करने, ब्रांड बनाने और मार्केटिंग के लिए टेक्निकल अपग्रेडेशन की जरूरत है। ये योजना एमएफआई को इन चीजों में मदद करेगी।

पशुधन और पशुपालन के लिए 28,343 करोड़ रु
पशुधन और पशुपालन के लिए भी 28,343 करोड़ रु का ऐलान किया। एनिमल हसबैंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के लिए 15,000 करोड़ रुपये और बाकी 13,343 करोड़ रुपये नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम पर खर्च होंगे, जिससे पशुओं का टीकाकरण होगा।

पीएम मत्स्य संपदा योजना
पीएम मत्स्य संपदा योजना का ऐलान किया गया। इस योजना से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे 5 सालों में मछली उत्पादन में 70 लाख टन वृद्धि की उम्मीद है।

मधुमक्खी पालन
मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया। इससे इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा, जिससे 2 लाख मधुमक्खी पालकों की इनकम में वृद्धि की संभावना होगी।

हर्बल खेती को बढ़ावा
हर्बल और औषधीय पौधों को गंगा के दोनों ओर उगाया जा सकता है। इसे सुगम बनाने के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाएगा।

किसानों के लिए खास योजना
किसानों के लिए 'वन फसल-वन नेशन' योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत देश के किसी भी राज्य का किसान किसी भी अन्य राज्य के व्यापारी को अपनी फसल बेच सकेगा। इस योजना के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन किया जाएगा।

ऑपरेशन ग्रीन्स के लिए 500 करोड़ रु
ऑपरेशन ग्रीन्स को टमाटर प्याज और आलू से बढ़ा कर सभी फलों और सब्जियों तक के लिए किया जाएगा, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को मजबूत करने में मदद करेगा।

चौथे दिन (16 मई) को रिफॉर्म्स पर रहा फोकस

चौथे दिन (16 मई) को रिफॉर्म्स पर रहा फोकस

कोयला सेक्टर के लिए 50000 करोड़ रु
कोयला सेक्टर के लिए 50000 करोड़ रुपये आवंटन करने का ऐलान किया। कोयले की कमर्शियल मइनिंग शुरू की जाएगी। कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने भी प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी। ज्यादा से ज्यादा खनन और देश के उद्योगों को बल देने पर फोकस रहेगा।

निवेशकों के लिए जमीन तैयार
प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए लैंड पार्सल मैप किए जा रहे हैं। इसमें जीआईसी जीआईएस का भी उपयोग हो रहा है। 5 लाख हेक्टेयर से अधिक के 3,376 औद्योगिक पार्कों की मैपिंग की गई है, ताकि संभावित निवेशक उनका उचित उपयोग कर सकें।

विमानों की मरम्मत की योजना
दुनियाभर के हवाई जहाजों की मरम्मत के लिए भारत को हब बनाने की योजना पेश की। भारत को विमानों के रखरखाव, रिपेयर और मरम्मत (एमआरओ) के लिए ग्लोबल हब बनाया जाएगा। एयरक्राफ्ट के पुर्जों की मरम्मत और एयरफ्रेम रखरखाव अगले तीन सालों में 800 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।

6 नए हवाई अड्डे होंगे उपलब्ध
पीपीपी आधार पर नीलामी के लिए 6 और हवाई अड्डे उपलब्ध होंगे। इस समय सिर्फ 67 प्रतिशत हवाई क्षेत्र ही उपलब्ध है। इसे बढ़ाया जाएगा। एयर स्पेस में सुधार से उड़ान का समय कम होगा और ईंधन लागत घटेगी। नागरिक उड़ानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र के उपयोग पर प्रतिबंध को कम किया जाएगा। इन उपायों से विमानन क्षेत्र को प्रति वर्ष 1,000 रुपये का लाभ होगा।

पावर सेक्टर रिफॉर्म्स
केंद्र शासित राज्यों में बिजली वितरण कंपनियों का नई टैरिफ नीतियों के अनुरूप निजीकरण किया जाएगा। इससे इंड्स्ट्री को मजबूती मिलेगी और पूरे पावर सेक्टर की क्षमता में सुधार आएगा। साथ ही इससे बिजली क्षेत्र में स्थिरता आएगी।

अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए अहम फैसले
सरकार ने स्पेस एक्सप्लोरेशन को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को एक लेवल फील्ड देने के लिए सरकार ने निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसके लिए पॉलिसी बनेगी।

खनन सेक्टर में निवेश को बढ़ावा
मिनरल सेक्टर या खनिज क्षेत्र में प्राइवेट को निवेश बढ़ावा दिया जाएगा। मिनरल सेक्टर में संरचनात्मक सुधारों के जरिए ग्रोथ में तेजी, रोजगार और एक्सप्लोरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 500 खनन ब्लॉकों को एक खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑफर किया जाएगा। एल्यूमिनियम उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की एक संयुक्त नीलामी शुरू की जाएगी।

मेडिकल आइसोटोप के लिए परमाणु क्षेत्र
मेडिकल आइसोटोप के लिए पीपीपी मॉडल के तहत रिसर्च रिएक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे कैंसर के उपचार और अन्य उपचारों के लिए आइसोटोप का प्रोडक्शन होगा। इससे मानवता की सेवा को बल मिलेगा।

रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश लिमिट बढ़ी
रक्षा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की लिमिट बढ़ा दी गई है। वित्त मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में एफडीआई लिमिट 49 फीसदी से बढ़ा कर 74 फीसदी करने का ऐलान किया। ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के कॉर्पोटाइजेशन की भी घोषणा की गई।

पांचवे दिन (17 मई) दिया पूरा हिसाब

पांचवे दिन (17 मई) दिया पूरा हिसाब

मनरेगा के लिए 40000 करोड़ रु
मनरेगा के तहत 40 हजार करोड़ रु आवंटित किए जाने का ऐलान किया गया। बजट 2020 में मनरेगा योजना के लिए 61000 करोड़ रु आवंटित किए गए थे। ये 40 हजार करोड़ रुपये इससे अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे।

हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर
हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। सभी जिलों में इन्फेक्शियस डिसीजेज हॉस्पिटल ब्लॉक बनेंगे।

महामारी रोग अधिनियम में बदलाव
स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महामारी रोग अधिनियम में संशोधन किया गया।

ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा
स्कूली शिक्षा के लिए 3 चैनलों की पहचान की गई। शिक्षा के लिए 12 चैनलों को और जोड़ने की योजना है। स्काइप और डीटीएच नेटवर्क (जैसे TataSky, airtelindia) के माध्यम से स्कूली शिक्षा के लाइव इंटरैक्शन का प्रसारण भी प्रोसेस में है। एचआरडी मंत्रालय ने लाइव क्लास का इंतजाम किया। बच्चों की शिक्षा के लिए ऑनलाइन क्लास के लिए 12 नए चैनल शुरू होंगे। ई-पाठशाला में 200 नई किताबें शामिल की गई।

यूनिवर्सिटीज ऑनलाइन कोर्स शुरू करेंगी
टॉप 100 यूनिवर्सिटीज को 30 मई 2020 तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की अनुमति होगी।

विदेशी बाजार में लिस्टिंग
ईज ऑफ डुइंग बिजनेस कार्यक्रम के तहत कंपनियों को उन विदेशी बाजारों में अपनी सिक्योरिटीज सीधे लिस्ट करने की इजाजत होगी, जिनके लिए अनुमति है।

पीएसयू (सरकारी) कंपनियों का निजीकरण
पीएसयू कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने में तेजी लाएगी। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए एक नीति लाने की घोषणा की। निजी क्षेत्र को सभी क्षेत्रों में भाग लेने की अनुमति होगी।

कंपनी कानून के प्रावधानों को डीक्रिमिनिलाइज
कंपनी कानून में टेक्निलकल उल्लघंनों को गैर अपराधिक बनाया जाएगा। तकनीकी औऱ प्रक्रियात्मक चूक को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा। कंपांउंडेबल ऑफेंसेज के तहत 18 सेक्शन की सीमा को बढ़ा कर 58 कर दिया गया है।

राज्यों को मदद
अप्रैल और मई में राज्यों को 12,390 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान दिया गया। अप्रैल में 46,038 रुपये के करों पर राहत दी गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्यों को करोना से लड़ने के लिए 4113 करोड़ रुपए की सहायता दी।

पीएम ईविद्या प्रोग्राम
PMeVidya कार्यक्रम एक मल्टी मोड डिजिटल ऑनलाइन लर्निंग शिक्षा मंच तुरंत शुरू किया जाएगा। इसमें DIKSHA, स्कूल शिक्षा के लिए #OneNationOnePlatform, सुविधा शामिल होगी। हर क्लास के लिए 1 टीवी चैनल होगा।

एमएसएमई को और बड़ी राहतें
ईज ऑफ डुइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए इनसॉल्वेंसी कोड (आईबीसी) में ढील दी गई। कोरोना के लिहाज से एमएसएमई के खिलाफ ताजा इनसॉल्वेंसी कार्यवाही शुरू करने की अवधि को 6 महीने से बढ़ा कर 1 साल किया गया। एमएसएमई के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने की न्यूनतम सीमा 1 लाख से बढ़ा कर 1 करोड़ कर दी गई।

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