नयी दिल्ली। गत 12 मई को पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था। इस पर जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉकडाउन के दौरान कृषि सेक्टर के लिए क्या क्या किया गया इस पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान दूध की मांग में 20-25 फीसदी की गिरावट आई। इसके चलते कॉओपरेटिव ने 360 लाख लीटर प्रति दिन (एलएलपीडी) की सेल के मुकाबले 560 एलएलपीडी की खरीद की। कुल 111 करोड़ लीटर की खरीदारी के लिए 4100 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

किसानों के लिए उठाए गए अन्य बड़े कदम :
- लॉकडाउन के दौरान रबी की फसल की कटाई के उपाय किए गए
- कुछ राज्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है
- फसल बीमा योजना से किसानों को लाभ दिया
- पिछले 2 महीनों में किसानों को सहारा देने के लिए कई कदम उठाए
- 2 महीनों में 6400 करोड़ रुपये का फसल बीमा भुगतान
- लॉकजाउन में 74300 करोड़ रु के कृषि उत्पाद खरीदे
आज 11 विशेष कदमों पर जानकारी दी गई, जिनमें कृषि पर अधिक फोकस रहा। इनमें से 8 का फोकस भंडारण और रसद पर और बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधार पर आधारित रहे। अनुमान लगया जा रहा था कि आज वित्त मंत्री फिशरीज सेक्टर और इंफ्रा सेक्टर राहत का ऐलान कर सकती हैं। कल की प्रेंस कॉन्फ्रेंस में किसान, प्रवासी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर्स और अफोर्डेबल हाउसिंग पर कई बड़े ऐलान किए गए। जबकि पहले दिन एमएसएमई और एनबीएफसी के लिए खास घोषणाएं की गई थीं।
पहले की गई घोषणाओं के मुताबिक मजदूरों को रहने के लिए सस्ते किराए वाले घर मिलेंगे। प्रवासी मजदूरों के लिए किफायती घरों का ऐलान किया गया है। सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक स्कीम लॉन्च करेगी, जिसके तहत प्रवासी मजदूरों / शहरी गरीबों को कम किराए पर रहने के लिए घर मुहैया किए जाएंगे। जरूरतमंदों को सस्ते मकान मुहैया करने पर जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम विनिर्माण और उद्योगों को अपनी संपत्तियों पर किफायती आवासों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।


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