FM राहत पैकेज : चौथी किस्त में आर्थिक मदद रही कम, रिफॉर्म्स पर रहा फोकस

नयी दिल्ली। कोरोना संकट के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने साथ ही कहा था कि इस पैकेज पर जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देंगी। इस पैकेज पर जानकारी देने के लिए आज वित्त मंत्री ने लगातार चौथे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिन सेक्टरों पर आज घोषणाएं की गईं उनमें कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, हवाई अड्डे, एमआरओ, बिजली वितरण कंपनियों, केंद्रशासित प्रदेश, परमाणु ऊर्जा शामिल हैं। खास बात ये है कि आज वित्त मंत्री ने आर्थिक सहायता के साथ-साथ इन सेक्टरों में किए जाने वाले रिफॉर्म्स की भी जानकारी दी। आइये जानते हैं वित्त मंत्री के आज के बड़े ऐलान।

nirmala sitharaman

कोयला सेक्टर के लिए 50000 करोड़ रु
वित्त मंत्री ने कोयला सेक्टर के लिए 50000 करोड़ रुपये आवंटन करने का ऐलान किया। रेवेन्यू शेयरिंग आधार पर कोयले की कमर्शियल मइनिंग शुरू की जाएगी। वित्त मंत्री ने बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने भी प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी। साथ ही ज्यादा से ज्यादा खनन और देश के उद्योगों को बल देने पर फोकस रहेगा।

निवेशकों के लिए जमीन तैयार
प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए लैंड पार्सल मैप किए जा रहे हैं। इसमें जीआईसी जीआईएस का भी उपयोग हो रहा है। 5 लाख हेक्टेयर से अधिक के 3,376 औद्योगिक पार्कों की मैपिंग की गई है, ताकि संभावित निवेशक उनका उचित उपयोग कर सकें।

विमानों की मरम्मत की योजना
वित्त मंत्री ने दुनियाभर के हवाई जहाजों की मरम्मत के लिए भारत को हब बनाने की योजना पेश की। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को विमानों के रखरखाव, रिपेयर और मरम्मत (एमआरओ) के लिए ग्लोबल हब बनाया जाएगा। एयरक्राफ्ट के पुर्जों की मरम्मत और एयरफ्रेम रखरखाव अगले तीन सालों में 800 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।

6 नए हवाई अड्डे होंगे उपलब्ध
पीपीपी आधार पर नीलामी के लिए 6 और हवाई अड्डे उपलब्ध होंगे। इस समय सिर्फ 67 प्रतिशत हवाई क्षेत्र ही उपलब्ध है। इसे बढ़ाया जाएगा। एयर स्पेस में सुधार से उड़ान का समय कम होगा और ईंधन लागत घटेगी। नागरिक उड़ानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र के उपयोग पर प्रतिबंध को कम किया जाएगा। इन उपायों से विमानन क्षेत्र को प्रति वर्ष 1,000 रुपये का लाभ होगा।

पावर सेक्टर रिफॉर्म्स
केंद्र शासित राज्यों में बिजली वितरण कंपनियों का नई टैरिफ नीतियों के अनुरूप निजीकरण किया जाएगा। इससे इंड्स्ट्री को मजबूती मिलेगी और पूरे पावर सेक्टर की क्षमता में सुधार आएगा। साथ ही इससे बिजली क्षेत्र में स्थिरता आएगी।

अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए अहम फैसले
स्पेस यानी अंतरिक्ष के लिए अहम ऐलान किए। सरकार ने स्पेस एक्सप्लोरेशन को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को एक लेवल फील्ड देने के लिए सरकार ने निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसके लिए पॉलिसी तैयार की जाएगी।

खनन सेक्टर में निवेश को बढ़ावा
मिनरल सेक्टर या खनिज क्षेत्र में प्राइवेट को निवेश बढ़ावा दिया जाएगा। इस क्षेत्र के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाने का भी ऐलान किया गया है। मिनरल सेक्टर में संरचनात्मक सुधारों के जरिए ग्रोथ में तेजी, रोजगार और एक्सप्लोरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 500 खनन ब्लॉकों को एक खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑफर किया जाएगा। साथ ही एल्यूमिनियम उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की एक संयुक्त नीलामी शुरू की जाएगी।

मेडिकल आइसोटोप के लिए परमाणु क्षेत्र
मेडिकल आइसोटोप के लिए पीपीपी मॉडल के तहत रिसर्च रिएक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे कैंसर के उपचार और अन्य उपचारों के लिए आइसोटोप का प्रोडक्शन होगा। इससे मानवता की सेवा को बल मिलेगा।

रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश लिमिट बढ़ी
रक्षा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की लिमिट बढ़ा दी गई है। वित्त मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में एफडीआई लिमिट 49 फीसदी से बढ़ा कर 74 फीसदी करने का ऐलान किया। ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के कॉर्पोटाइजेशन की भी घोषणा की गई।

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