नयी दिल्ली। पीएम मोदी द्वारा घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर जानकारी के लिए आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांचवी और आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आज वित्त मंत्री ने 7 अहम क्षेत्रों पर ऐलान किए जिनमें मनरेगा, स्वास्थ्य (शहरी एवं ग्रामीण) और शिक्षा संबंधी, बिजनेस एंड कोविड, कंपनी अधिनियम का डिक्रिमिनलाइजेशन, ईज ऑफ डुइंग बिजनेस, पीएसयू कंपनियों संबंधित कदम, राज्य सरकारें और संबंधित रिसोर्सेज शामिल हैं। इनमें मनरेगा के तहत अतिरिक्त 40 हजार करोड़ रु आवंटित किए जाने का ऐलान किया गया। बता दें कि बजट 2020 में मनरेगा योजना के लिए 61000 करोड़ रु आवंटित किए गए। ये 40000 करोड़ रुपये इससे अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे। इससे काम के 300 करोड़ अधिक व्यक्ति दिन जनरटे होंगे और वे प्रवासी मजदूर जो अपने घरों को लौट रहे हैं उन्हें काम मिल सकेगा।

ग्रामीण इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा
वित्त मंत्री के मुताबिक सरकार की तरफ से मनरेगा के लिए किए गए अतिरिक्त आवंटन से अधिक मात्रा में जल संग्रह संपत्तियों सहित टिकाऊ और आजीविका संपत्तियां तैयार होंगी। अधिक प्रोडक्शन से ग्रामीण इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। बता दें कि इस वित्त वर्ष में अब तक मनरेगा के तहत 1.06 करोड़ परिवारों को 13.59 करोड़ व्यक्ति-दिन का रोजगार मिला है। इसके मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में सिर्फ अप्रैल में ही 1.55 करोड़ परिवारों को 24.66 करोड़ व्यक्ति-दिन का काम मिला था।
वित्त मंत्री की अन्य बड़ी बातें :
- 8.19 करोड़ किसानों के खातों में 2000-2000 रु भेजे गए
- 20 करोड़ जनधन महिला खाताधारकों के खातों में 10 हजार करोड़ रु भेजे गए
- ये सब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर से संभव हुआ
- उजज्वला योजना के तहत 6.81 करोड़ लोगो को मुफ्त सिलेंडर दिए गए
- लॉकडाउन बढ़ाए जाने पर गरीबों को फ्री राशन दिया गया
- 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन दिया गया
- निर्माण मजदूरों को 50.35 करोड़ रु की मदद दी गई
- 12 लाख से अधिक ईपीएफओ सब्सक्राइबर को फायदा पहुंचाया
- किसानों को 86 करोड़ रु का कर्ज भी दिया गया।


Click it and Unblock the Notifications