नयी दिल्ली। आज वित्त मंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज पर डिटेल देने के लिए अपनी चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आज की प्रेस वार्ता में आर्थिक राहत से ज्यादा नीतिगत ऐलान हुए। आज कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, हवाई अड्डे, एमआरओ, बिजली वितरण कंपनियों (केंद्रशासित प्रदेश), परमाणु ऊर्जा पर ऐलान किए गए। इसके अलावा अंतरिक्ष पर भी नीतिगत ऐलान किए गए। सरकार ने स्पेस क्षेत्र प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया है। सरकार ने स्पेस एक्सप्लोरेशन में निजी क्षेत्र के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को एक लेवल फील्ड देने के लिए सरकार ने निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसके लिए पॉलिसी तैयार की जाएगी।

क्या है सरकार का प्लान
अब प्राइवेट सेक्टर भारत की स्पेस यात्रा में सहयात्री होगा। प्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन के लिए फ्यूचर प्रोजेक्ट्स और आउटर स्पेस ट्रेवल को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला जाएगा। बहुत सारा भू-स्थानिक (geo-spatial) डेटा उपलब्ध हैं, उदार भू-स्थानिक डेटा नीति लाई जाएगी। पीएम मोदी ने गत 12 मई को 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान करते हुए बताया था कि इस पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी वित्त मंत्री देंगी। इसी क्रम में ये आज उनकी चौथी प्रेस वार्ता थी। अगली प्रेस वार्ता वे इस संबंध में रविवार सुबह 11 बजे करेंगी।
विमानन सेक्टर के लिए खास योजना
वित्त मंत्री ने दुनियाभर के हवाई जहाजों की मरम्मत के लिए भारत को हब बनाने की योजना पेश की। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को विमानों के रखरखाव, रिपेयर और मरम्मत (एमआरओ) के लिए ग्लोबल हब बनाया जाएगा। एमआरओ इकोसिस्टम के लिए टैक्स व्यवस्था उचित है। एयरक्राफ्ट के पुर्जों की मरम्मत और एयरफ्रेम रखरखाव अगले तीन सालों में 800 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।


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