नई दिल्ली, सितंबर 16। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बैड बैंक (नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड या एनएआरसीएल) के लिए 30,600 करोड़ रुपये तक की गारंटी देने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी या 'बैड बैंक' के संचालन का रास्ता साफ कर दिया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि कैबिनेट ने एनएआरसीएल द्वारा जारी की जाने वाली सिक्योरिटी रिसीट्स को सपोर्ट करने के लिए 30,600 करोड़ रुपये तक की केंद्र सरकार की गारंटी को मंजूरी दे दी थी।
एनपीए का पता चला
वित्त मंत्री के अनुसार बैंक बैलेंस शीट को साफ करने और पूरी तरह से प्रोविजनिंग करने के लिए बैंकों की एसेट क्वालिटी रिव्यू की समीक्षा 2015 में हुई थी। वित्त मंत्री का कहना है कि इससे एनपीए की बहुत अधिक घटनाओं का पता चला। बजट 2021 में केंद्र सरकार की एसेट मैनेजमेंट कंपनी के साथ एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) स्थापित करने के इरादे की घोषणा की गयी थी, ताकि मौजूदा स्ट्रेस्ड डेब्ट को एडजस्ट किया जा सके।
5 लाख करोड़ रु से अधिक वसूले गए
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 6 वर्षों के दौरान बैंकों द्वारा वसूले गए 5,01,479 करोड़ रुपये में से, मार्च 2018 से 3.1 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई है। अकेले 2018-19 में, रिकॉर्ड 1.2 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई। पिछले 6 वर्षों के दौरान बैंकों द्वारा वसूल की गई 5,01,479 लाख करोड़ रुपये की राशि में से, 99,996 करोड़ रुपये रिटन ऑफ एसेट्स में से रिकवर किए गए। उन्होंने कहा कि 2015 की एसेट क्वालिटी रिव्यू के बाद बैंकों ने बैड लोन की बड़ी मात्रा में वसूली की सूचना दी है।
बैड लोन का स्ट्रक्चर
वित्त मंत्री के अनुसार 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक के बड़े धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए 57 महीने का औसत अंतराल है। उन्होंने कहा कि 2018 का भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम अच्छे परिणाम दिखा रहा है। एनएआरसीएल बैंकों से 15:85 स्ट्रक्चर के तहत बैड लोन खरीदेगा, जहां यह शुद्ध संपत्ति मूल्य का 15 प्रतिशत नकद में देगा और बाकी के लिए सिक्योरिटी रिसीट जारी करेगा। इन सिक्योरिटी रिसीट के एक हिस्से की गारंटी केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। गारंटी पांच साल की अवधि के लिए वैध होगी। एक इंडिया डेब्ट रेजॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड भी स्थापित की जाएगी। एनएआरसीएल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का 51 फीसदी हिस्सा होगा।
एनपीए का निपटान
वित्त मंत्र ने कहा कि नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड बैंकों की बैलेंस शीट (जिसके लिए फुल प्रोविजनिंग की गयी है) में एनपीए एकत्र करेगा और प्रोफेश्नली उनका प्रबंधन और निपटान करेगा। इससे बैंकों की बैलेंस शीट साफ हो जाएगी। कुछ वैल्यूएशन के आधार पर एनपीए के लिए बैंकों को लगभग 15 प्रतिशत नकद भुगतान किया जाना है और 85 प्रतिशत सिक्योरिटी रिसीट के रूप में दिया जाना है। कई एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियां निजी क्षेत्र में हैं, लेकिन वे बड़े साइज की फंसी हुई संपत्ति के प्रस्तावों को लेने से हिचकिचाती हैं, इसलिए सरकार समर्थित सिक्योरिटी रिसीट की आवश्यकता है।
बैंकिंग सेक्टर में सुधार
सीतारमण ने कहा कि हमने बैंकिंग क्षेत्र में उन मुद्दों को सुलझाया है जो 2015 से अटके थे। उन्होंने कहा कि बैंकों ने पिछले छह वित्तीय वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है, जिसमें से मार्च 2018 से 3.1 लाख करोड़ रुपये की वसूली की गई है।


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