नयी दिल्ली। वित्त मंत्री ने आज लगातार चौथे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए 8 अहम सेक्टरों पर बड़ी घोषणाएं कीं। जिन सेक्टरों पर आज फोकस रहा उनमें विमानन क्षेत्र शामिल है। बता दें कि वित्त मंत्री ने विमानन सेक्टर के लिए एक खास योजना का ऐलान किया, जिससे सरकार को अच्छी इनकम होगी। वित्त मंत्री ने दुनियाभर के हवाई जहाजों की मरम्मत के लिए भारत को हब बनाने की योजना पेश की। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को विमानों के रखरखाव, रिपेयर और मरम्मत (एमआरओ) के लिए ग्लोबल हब बनाया जाएगा। एमआरओ इकोसिस्टम के लिए टैक्स व्यवस्था उचित है। एयरक्राफ्ट के पुर्जों की मरम्मत और एयरफ्रेम रखरखाव अगले तीन सालों में 800 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।

विदेशी कंपनियां आएंगी भारत
सरकार की योजना के तहत इंजन बनाने वाली बड़ी कंपनियां आने वाले सालों भारत में इंजन रिपेयर संयंत्र लगाएंगी। इसके अलावा विमानन क्षेत्र के लिए किए गए ऐलानों के जरिए वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से एयरपोर्ट विकसित करने के लिए AAI ने 6 में से 3 एयरपोर्ट का अनुबंध प्राप्त किया है। 6 और एयरपोर्ट की नीलामी जल्द होगी। इसके अलावा 12 हवाई अड्डों में पहले-दूसरे चरण में 13 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार समय की कीमत है और समय बचाने के लिए काम करना होगा। भारतीय नागरिक विमानों को लंबे रास्ते लेने पड़ते हैं। इसे सुगम बनाया जाएगा। दो महीने के अंदर यह काम किया जाएगा। इससे विमानन क्षेत्र को हर साल 1 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। साथ ही इससे एयर फ्यूल भी बचेगा और पर्यावरण भी बचेगा।
कोयला सेक्टर के लिए ऐलान
कोयला सेक्टर में सरकार ने एकाधिकार खत्म कर दिया है। इसके साथ ही कोल बेड मिथेन की भी नीलामी की जाएगी। निकासी बुनियादी ढांचे (Evacuation Infrastructure) के लिए 50,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जा रहे हैं। 50 कोयला ब्लॉक में तुरंत काम शुरू होगा। सही कीमत पर अधिक कोयला मुहैया होगा और अब कोयला क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियां आएंगी।


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