नयी दिल्ली। 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई अहम और बड़े सेक्टरों के लिए घोषणाएं कीं। आज जिन सेक्टरों के बारे में ऐलान किए गए उनमें मिनरल सेक्टर भी शामिल है। सरकार ने मिनरल सेक्टर में प्राइवेट निवेश का रास्ता खोलने का फैसला लिया है। मिनरल सेक्टर या खनिज क्षेत्र में प्राइवेट को निवेश बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा इस क्षेत्र के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाने का भी ऐलान किया गया है। मिनरल सेक्टर में संरचनात्मक सुधारों के जरिए ग्रोथ में तेजी, रोजगार और एक्सप्लोरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार खनिज क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ाने के लिए एक सहज समग्र अन्वेषण-सह-खनन-सह-उत्पादन (composite exploration-cum-mining-cum-production) योजना शुरू करेगी।

500 माइनिंग ब्लॉक की होगी नीलामी
500 खनन ब्लॉकों को एक खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑफर किया जाएगा। साथ ही एल्यूमिनियम उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की एक संयुक्त नीलामी शुरू की जाएगी। इससे एल्यूमीनियम सेक्टर को बिजली की लागत कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा पट्टे और गैर-पट्टे वाली खानों के बीच का अंतर हटाया जाएगा ताकि माइनिंग लीज को ट्रांसफर किया जा सके। इससे अतिरिक्त बिना इस्तेमाल हुए मिनरल की बिक्री का रास्ता साफ होगा और खनन और उत्पादन में बेहतर दक्षता आएगी।
खनन मंत्रालय उठा रहा कदम
खान मंत्रालय विभिन्न खनिजों के लिए एक खनिज सूचकांक डेवलप करने की प्रक्रिया में है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार खनन पट्टे दिए जाते समय देय स्टाम्प शुल्क को भी तर्कसंगत बनाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने स्पेस यानी अंतरिक्ष में अहम ऐलान किए। सरकार ने स्पेस एक्सप्लोरेशन में निजी क्षेत्र के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को एक लेवल फील्ड देने के लिए सरकार ने निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसके लिए पॉलिसी तैयार की जाएगी।


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