लोकसभा चुनाव 2024 जारी है. चुनावी भाषणों में सत्ताधारी और विपक्ष के नेता अलग-अलग विषयों पर अपनी बात रख रहे. लेकिन कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को सरकारी कंपनियों की आलोचना करने दांव उन्हीं पर भारी पड़ गया. राहुल गांधी के बार-बार सरकारी कंपनियों को लेकर की गई आलोचनाओं पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया है. वित्त मंत्री सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यहां तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत सही बैठ रहा. क्योंकि मोदी सरकार की लीडरशिप में सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के अच्छे दिन लौटे हैं, जोकि कांग्रेस की सरकार में गर्त की ओर जा रही थी.
मोदी सरकार ने PSUs में भरी जान
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर लिखे एक बड़े पोस्ट में FM ने देश की सरकारी कंपनियों के ग्रोथ के आंकड़ों को दिखाया है. निर्मला सीतारमण पोस्ट में कांग्रेस के नेतृत्व में UPA सरकार के समय में PSUs को नजरअंदाज किया गया, जबकि मोदी सरकार ने PLI स्कीम और डिविडेंड, बायबैक पर कैपिटल मैनेजमेंट गाइडलाइंस से CPSE में जान फूंकने का काम किया है. PSU को आजादी से काम करने दिया गया.

उन्होंने FY2022-23 और FY2013-14 के बीच सरकारी कंपनियों के ट्रांसफॉर्मेशन को आंकड़ों बताया है....
1. 31 मार्च, 2023 तक सभी सरकारी कंपनियों (CPSEs) का पेड-अप कैपिटल 5.05 लाख करोड़ रुपए रहा, जोकि FY14 में 1.98 लाख करोड़ रुपए था. यानी इसमें 155% की ग्रोथ दर्ज की गई.
2. FY2023 के दौरान CPSEs के संचालन से टोटल ग्रॉस रेवेन्यू 37.90 लाख करोड़ रुपए रहा, जोकि FY14 में 20.61 लाख करोड़ रुपए था. यानी 84% ग्रोथ हुई.
3. लाभ कमाने वाले CPSEs का नेट प्रॉफिट FY2023 में 2.41 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि FY2014 में 1.29 लाख करोड़ रुपए था. इसमें 87% की ग्रोथ हुई.
4. उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क, GST, कॉर्पोरेट टैक्स, डिविडेंड आदि के जरिए से सरकारी खजाने में सभी CPSEs का योगदान FY2023 में 4.58 लाख करोड़ रुपए रहा, जोकि FY2014 में 2.20 लाख करोड़ था. यानी 108% की ग्रोथ हुई.
5. सभी CPSEs की कुल संपत्ति 31 मार्च 2014 के 9.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर FY2023 तक 17.33 लाख करोड़ हो गई है, जोकि 82% की ग्रोथ दर्शा रही है.
6. 31 मार्च 2023 तक सभी CPSEs की कैपिटल एंप्लॉयड 38.16 लाख करोड़ रुपए रही, जो 31 मार्च 2014 के 17.44 लाख करोड़ के मुकाबले 119% ज्यादा है.
PSUs के बेहतर प्रबंधन की वजह से पिछले 3 सालों में उनके शेयर जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है....
1. सभी 81 लिस्टेड सरकारी कंपनियों का कुल मार्केट 225% बढ़ी है. लिस्टेड कंपनियों में 62 CPSEs, 12 PSBs, 3 सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां और IDBI बैंक शामिल हैं.
2. निफ्टी CPSE का रिटर्न 78.8% रही, जो कि NIFTY 500 के 27.4% और NIFTY 50 के 22.5% रिटर्न से ज्यादा है.
3. शेयर बाजार में लिस्टेड 12 सरकारी बैंकों का मार्केट कैप 31 मार्च 2024 को करीब 3 गुना यानी 195% बढ़कर 16.12 लाख करोड़ रुपए हो गया, जोकि 31 मार्च, 2021 को 5.45 लाख करोड़ रुपए था.
4. खासतौर पर 15 CPSEs ने 76% से 100% तक जबरदस्त CAGR ग्रोथ दिखाई, जोकि वैल्यू एप्रिशिएशन और निवेशकों का भरोसा दिखाता है. इसके अलाला 25 CPSEs ने 51% से 75% के बीच CAGR के साथ मजबूत ग्रोथ दर्ज किया, जबकि 28 CPSEs ने 26% से 50% की रेंज में स्थिर विस्तार दिखाया है.
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के दौरान हुई ग्रोथ का भी जिक्र किया है...
- 1999-2004 (NDA) के दौरान: PSU इंडेक्स 300% से ज्यादा बढ़ गया, जो BSE सेंसेक्स की 70% बढ़त से कहीं ज्यादा था.
- 2004-09 (UPA-I) के दौरान: PSU इंडेक्स 60% बढ़ा, लेकिन ये सेंसेक्स की ग्रोथ रेट का केवल आधा था.
- 2009-14 (UPA-2) के दौरान: PSU इंडेक्स में 6% की गिरावट आई, जबकि बेंचमार्क में 73% की ग्रोथ दर्ज की गई.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी डिफेंस कंपनियों पर राहुल गांधी को जवाब देते हुए भी HAL की ग्रोथ स्टोरी बताई...
FM ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर भी राहुल गांधी दुर्भावनापूर्ण हमला किया था. जबकि उनके दावों के उलट HAL की ग्रोथ नरेंद्र मोदी सरकार में जबरदस्त रही. HAL की मार्केट वैल्यू केवल 4 साल में ही 1370% बढ़ गया है, जो 2020 में 17,398 करोड़ रुपए से बढ़कर 7 मई, 2024 तक 2.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है.
सरकारी कंपनी ने ने 31 मार्च 2024 को FY2023-24 के लिए 29,810 करोड़ रुपए से ज्यादा के अपने हाइएस्ट रेवेन्यू का ऐलान किया. HAL के पास 94,000 करोड़ रुपए से अधिक की मजबूत ऑर्डर बुक है.


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