नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कोरोना वायरस से प्रभावित सेक्टरों के लिए जल्द ही आर्थिक पैकेज का ऐलान करने वाली हैं। जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री की ओर से आर्थिक पैकेज को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उनकी पर्यटन, एमएसएमई, नागर विमानन, पशुपालन सेक्टर के मंत्रालय के वित्त सचिव और आर्थिक मामलों के सचिव के साथ बैठक हो चुकी है और आर्थिक पैकेज के बारे में चर्चा की गई है। सूत्रों का कहना है कि वित्तमंत्री आज कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं।

पशुपालन उद्योग बुरी तरह प्रभावित
पशुपालन, मत्स्य और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने बैठक के बाद कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण पशुपालन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हमने विभिन्न उपायों पर चर्चा की। इसमें कर्ज पुनर्गठन शामिल है। इससे क्षेत्र में कार्यरत लोगों को मदद मिल सकती है। कोरोना वायरस के चलते देश के मुर्गी पालन उद्योग को 1.5 लाख करोड़ रुपए का है। इससे दस लाख से अधिक छोटे किसान सीधे तौर पर जुड़े हैं, जबकि करोड़ों लोग परोक्ष रूप से इस क्षेत्र पर आश्रित हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि सरकार ने कोविड-19 इकोनॉमिक रेस्पांस टॉस्क फोर्स के गठन का फैसला लिया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं।
सरकार देगी 12 हजार करोड़ की मदद
सरकार एविएशन सेक्टर को 12 हजार करोड़ का मदद कर सकती है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक वित्त मंत्रालय कई प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसमें एविएशन फ्यूल टैक्स से तत्काल राहत समेत कई अन्य उपाय शामिल हैं। विमानन सलाहकार कंपनी सीएपीए इंडिया ने एक रिपोर्ट में बताया है कि एअर इंडिया को छोड़कर बाकी अन्य कंपनियों को जनवरी-मार्च तिमाही में 50 से 60 करोड़ डॉलर का घाटा होने का अनुमान है। डिमांड ने मिलने पर भारतीय विमानन कंपनियां शुरुआती स्तर पर करीब 150 विमानों को परिचालन से रोक सकती हैं। बता दें कि वर्तमान में छह बड़ी घरेलू विमानन कंपनियों के पास करीब 650 विमानों का बेड़ा है।
विदेशी पर्यटकों से भारत को होती है 28 अरब डॉलर की आय
सीआईआई की पर्यटन समिति ने कोरोना वायरस महामारी के पर्यटन उद्योग पर असर का आकलन किया है। इसके मुताबिक, अक्टूबर से मार्च के बीच भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या वार्षिक आगमन की 60-65 फीसदी होती है। भारत को विदेशी पर्यटकों से 28 अरब डॉलर से अधिक की आय होती है। रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी की खबरें नवंबर से आना शुरू हुईं और इसके बाद यात्रा टिकटों, होटल बुकिंगों इत्यादि का कैंसिलेशन शुरू हुआ। अब मार्च में कई भारतीय पर्यटन स्थलों पर बुकिंग का कैंसिलेशन 80 फीसदी के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया है।
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