वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवें और अंतिम चरण की घोषणाएं कर रही हैं। उन्होंने आज सात कदमों की घोषणा की है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवें और अंतिम चरण की घोषणाएं कर रही हैं। उन्होंने आज सात कदमों की घोषणा की है। इसमें MNREGA, हेल्थ एंड एजुकेशन, बिजनेस, डी-क्रिमिनलाइजेशन ऑफ कम्पनीज ऐक्ट, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज, राज्य सरकारें और उन्हें दिए गए रिसोर्सेज शामिल हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है। उसी के हिसाब से ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि कंपनी कानून के ज्यादातर प्रावधानों को डीक्रिमिनाइलज किया जाएगा। एक साल तक दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी। यानी कि कर्ज अदा करने से चूक को एक तक साल के लिए इन्सॉल्वेंसी में शामिल नहीं किया जाएगा। छोटे उद्योंगो के दिवालिया होने की सीमा को एक लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया जाएगा।
कंपनीज एक्ट
- कंपनीज एक्ट में टेक्निलकल उल्लघंनों को गैर अपराधिक बनाएंगे।
- तकनीकी औऱ प्रक्रियात्मक चूक को अपराध की श्रेणी से हटाएंगे।
- कंपांउंडेबल ऑफेंसेज के तहत 18 सेक्शन की सीमा को बढ़ाकर 58 कर दिया गया है।
- 7 कंपांउंडेबल ऑफेंसेज को पूरी तरह से ड्रॉप कर दिया गया है।
पैकेज की चौथी किस्त की मुख्य बातें
- रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की जाएगी।
- ऐसे हथियारों और प्लेटफॉर्म की सूची जारी की जायेगी, जिनका आयात प्रतिबंधित होगा। इन्हें भारत में ही खरीदा जा सकेगा।
- यात्री उड़ानों के लिये भारतीय वायु क्षेत्रों पर लगी पाबंदियों में ढील दी जायेगी, इससे ईंधन और समय की बचत होगी।
- पाबंदियों में ढील से विमानन क्षेत्र को एक साल में एक हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा।
- 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश मिलेगा।
- कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को वाणिज्यिक खनन का अधिकार मिलेगा। सरकार का एकाधिकार समाप्त होगा।
- क्षेत्र में उतरने के प्रावधान सरल किये जायेंगे, तत्काल नीलामी के लिये करीब 50 ब्लाक पेश किये जायेंगे।
- केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जायेगा।
- अस्पतालों समेत सामाजिक बुनियादी संरचना के विकास में वीजीएफ में सरकार की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत, इससे 8,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं समेत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी कंपनियों को भगीदारी के अवसर मिलेंगे।
- कैंसर एवं अन्य बीमारियों के किफायती उपचार के लिये पीपीपी आधार पर अनुसंधान नाभिकीय संयंत्र बनाये जायेंगे।
FM राहत पैकेज : ब्लॉक लेबल पर पैथलॉजी लैब बनाने की घोषणा ये भी पढ़ें
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