वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवें और अंतिम चरण की घोषणाएं की।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवें और अंतिम चरण की घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है। उसी के हिसाब से ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है।

इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों द्वारा उधार का हिस्सा विशिष्ट सुधारों से जोड़ा जाएगा। 3-3.5% से, 0.5% बिना शर्त वृद्धि होगी। अगले 1% को 0.25% के 4 चरणों में जारी किया जाना है, प्रत्येक किश्त स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट, औसत दर्जे का और व्यवहार में सुधार कार्यों से जुड़ा हुआ है। अगर सुधार के चार क्षेत्रों में से कम से कम तीन क्षेत्रों के पूरा होने के बाद बचे हुए 0.5% राज्यों को दिया जाएगा। 2020-21 के लिए राज्यों की नेट बॉरोइंग सीलिंग 6.41 लाख करोड़ रुपये है, जो कि जीएसडीपी के 3 फीसदी पर आधारित है। इसमें से 75 फीसदी मार्च 2020 में केन्द्र द्वारा उन्हें ऑथराइज किया जा चुका है। राज्य अभी तक इस लिमिट का 14 फीसदी उधार ले चुके हैं और 86 फीसदी ऑथराइज्ड बॉरोइंग का इस्तेमाल अभी उन्होंने नहीं किया है। फिर भी राज्य इस बॉरोइंग को 3 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी करने की अपील केन्द्र से कर रहे हैं। इस वक्त के हालात को देखते हुए केन्द्र ने उनकी अपील पर राज्यों के लिए बॉरोइंग लिमिट बढ़ाकर 5 फीसदी करने का फैसला किया है। यह केवल 2020-21 के लिए है। इससे राज्यों को 4.28 लाख करोड़ रुपये के एक्स्ट्रा रिसोर्स मिलेंगे।
राज्यों के लिए घोषणाएं
- राज्यों और केंद्र का रेवेन्यू घट रहा है।
- इसके बावजूद हम लगातार उनकी मदद कर रहे हैं।
- 2020-21 में राज्य अपनी जीडीपी के 3 फीसदी की बजाय 5 फीसदी तक की रकम ले सकेंगे।
- इससे उनके लिए 4.28 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था हुई।
- राज्यों ने अभी तक अपनी लिमिट के मुकाबले सिर्फ 14 फीसदी उधार लिया है, 86 फीसदी लिमिट का इस्तेमाल ही नहीं हुआ।
रिफॉर्म्स का साल है 2020
- भारत के लिए 2020 रिफॉर्म्स का का साल है।
- 3 से 3.5 बोरोविंग में कोई शर्त नही।
- बोरोविंग लिमिट रिफॉर्म से लिंक होगी।
- 2020-21 के लिए राज्यों की नेट बॉरोइंग सीलिंग 6.41 लाख करोड़ रुपए है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों के सामने राजस्व की कमी की चुनौती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्य सरकारों की सहायता कर रही है, जिससे वे करोना कि लड़ाई लड़ सकें। उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में राज्यों को 46038 करोड़ रुपए दिए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को करोना से लडने के लिए 4113 करोड़ रुपए दिए। 12390 करोड़ राजस्व घाटा ग्रांट समय पर राज्यों को दिए गए। स्टेट डिजास्टर रिलीज फंड के तहत अप्रैल के पहले सप्ताह में 11092 करोड़ रुपए राज्यों को दिए गए। उन्होंने बताया कि सरकार ने राज्यों को जीडीपी के पांच फीसद के बराबर कर्ज उठाने की मंजूरी दी।
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