भारतीय बैंकिंग सेक्टर में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। जहां एक ओर इंडसइंड बैंक ने एफडी पर ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की है, वहीं कोटक महिंद्रा बैंक ने इस दिशा में थोड़ा संतुलित रुख अपनाया है। इन दोनों बैंकों की रणनीति अलग-अलग जरूर है, लेकिन मकसद एक ही है, ज्यादा से ज्यादा जमाकर्ताओं को अपनी ओर खींचना।

इंडसइंड बैंक का बड़ा कदम, छोटी और मध्यम अवधि की एफडी पर जोर
इंडसइंड बैंक ने 29 अप्रैल 2025 से अपनी एफडी की ब्याज दरों को बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि इस बार बैंक ने छोटे और मध्यम समय की एफडी पर विशेष ध्यान दिया है। उदाहरण के तौर पर, अब 61 से 90 दिनों की एफडी पर ब्याज दर को बढ़ाकर 5% कर दिया गया है, जो पहले 4.75% थी।
वहीं, 181 से 364 दिनों तक की एफडी पर अब सीधे 7% ब्याज दिया जाएगा। पहले इन अवधि की एफडी पर दरें 5.85% से 6.5% के बीच थीं, यानी कि लगभग 1% से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।
सबसे ज्यादा आकर्षक दरें उन एफडी योजनाओं पर लागू हुई हैं जो 1 साल 3 महीने से 1 साल 6 महीने के बीच की हैं। इस श्रेणी में आम ग्राहकों को 7.75% और वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% का सालाना ब्याज मिलेगा।
कोटक महिंद्रा बैंक का संतुलित रुख, नई FD अवधि की पेशकश
कोटक महिंद्रा बैंक ने 30 अप्रैल 2025 से अपनी कुछ FD दरों में संशोधन किया है। हालांकि, यहां इंडसइंड जैसी आक्रामकता नहीं दिखती। कोटक ने 390 दिनों की एफडी पर ब्याज दर को 7% से घटाकर 6.9% कर दिया है। इसके अलावा, बैंक ने एक नई FD अवधि 19 दिन की शुरुआत की है। इसमें आम ग्राहकों को 5% और वरिष्ठ नागरिकों को 5.5% ब्याज मिलेगा।
इस महीने में यह कोटक महिंद्रा का तीसरा ब्याज दर संशोधन है, जो दर्शाता है कि बैंक लगातार बाजार की नब्ज को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रहा है।
अन्य बड़े बैंकों की ब्याज दरों पर भी एक नजर
RBI द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद देश के कई बड़े बैंक एफडी दरों को लेकर नए फैसले ले रहे हैं:
एसबीआई आम ग्राहकों को 3.5% से 6.9%, वरिष्ठ नागरिकों को 4% से 7.4% ब्याज।
"अमृत वृष्टि" स्कीम में 444 दिनों की एफडी पर 7.05% (आम), 7.55% (वरिष्ठ) ब्याज।
HDFC बैंक: 3% से 7% (आम), 3.5% से 7.5% (वरिष्ठ)
ICICI बैंक: 3% से 7.05% (आम), 3.5% से 7.55% (वरिष्ठ)
Axis बैंक: 3% से 7.05% (आम), 3.5% से 7.55% (वरिष्ठ)
IDBI बैंक: "उत्सव कॉलेबल FD" स्कीम में 7.35% (आम) और 7.85% (वरिष्ठ) तक ब्याज
इंडसइंड की रणनीति: हाई रिटर्न के सहारे बाजार में बढ़त
इंडसइंड बैंक की इस नई रणनीति का साफ संकेत है कि वह एफडी निवेशकों को बेहतर रिटर्न का लालच देकर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है। खासकर उन ग्राहकों के लिए, जो 6 महीने से 2 साल तक के लिए पैसा निवेश करना चाहते हैं, यह दरें काफी आकर्षक साबित हो सकती हैं।
कोटक की नीति: कम जोखिम, लचीले विकल्प
दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक ज्यादा सुरक्षित और सतर्क रुख अपना रहा है। बैंक छोटे निवेशकों के लिए नई अवधि की एफडी स्कीम लाकर अधिक विकल्प दे रहा है, पर दरें उतनी आकर्षक नहीं हैं जितनी कि इंडसइंड की।
किस बैंक की FD है बेहतर?
अगर आप कम समय के लिए एफडी में निवेश करने की सोच रहे हैं और ज्यादा ब्याज चाहते हैं, तो फिलहाल इंडसइंड बैंक एक मजबूत विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आप लचीले विकल्पों और संतुलित रिटर्न की तलाश में हैं, तो कोटक महिंद्रा की योजनाएं भी आपके काम आ सकती हैं।


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